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52 शक्तिपीठों में से एक है मुंगेर का चंडिका स्थान,22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन यहां होगी विशेष पूजा

52 शक्तिपीठों में से एक है मुंगेर का चंडिका स्थान,22 जनवरी क

मुंगेर: 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला विराजमान होगें  और इधर मुंगेर में देश के 52 शक्तिपीठों में से  चंडिका स्थान में उस दिन को यादगार बनाने के लिय भव्य आयोजन होगा . चंडिका स्थान के मुख्य पांडा नंदन बाबा ने बताया की जहां 22 जनवरी जो अपने आप में एक इतिहास लिखने वाला सीन होगा । पूरे देश में पुनः राम राज्य का आगमन होगा .

इस खुशी को मानने के लिय मुंगेर चंडिका स्थान में भी विशेष तैयारी की गई है। संस्था के सचिव के निर्देशानुसार मंदिर परिसर जहां एक और भव्य ढंग से सजाया जाएगा , मां चंडिका का विशेष श्रृंगार करते हुए महा आरती का भी आयोजन किया जाएगा . साथ ही पूरे मंदिर परिसर को 2100 दियों से सजाते हुए हर घर घर में दीपावली मनाया जायेगा क्यों की इस दिन राम लला आयेंगे .

मान्‍यता है कि यहां देवी सती का नेत्र गिरा था. इसके बाद यहां मंदिर की स्थापना हुई थी. शक्तिपीठ में मां की बाईं आंख की पूजा की जाती है. इस मंदिर की मुंगेर ही नहीं बल्‍क‍ि भारत के अलग-अलग कोने से भी यहां श्रद्धालु आते हैं. ऐसा कहा जाता है कि यहां अंग प्रदेश के राजा कर्ण हर दिन सवा मन सोना दान करते थे. महाभारत काल में इसका वर्णन भी है.गर्भगृह से जो काजल निकलता है उसे लगाने से आंखों की समस्या दूर हो जाती है. मोतियाबिंद की बीमारी ठीक होने का भी दावा किया जाता है. ऐसी ही कई मान्यता है जिसको लेकर श्रद्धालु यहां आते हैं. यहां से काजल भी ले जाते हैं.