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Moisture on walls: दीवार पर सीलन क्यों आती है? छत से पानी नहीं टपकता फिर भी दीवार गीली है तो समझें ये वजह

Moisture on walls: छत से पानी नहीं टपकने के बावजूद दीवार पर सीलन है तो इसकी वजह पाइप लीकेज, बाथरूम की नमी, दरार या खराब वेंटिलेशन हो सकती है। जानें किन जगहों की जांच करें।

Moisture on walls

Moisture on walls: घर की दीवार पर सीलन दिखते ही ज्यादातर लोग इसका कारण छत से आने वाला पानी मान लेते हैं। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार छत पूरी तरह ठीक होने के बावजूद दीवार पर नमी, पेंट उखड़ने या काले-सफेद दाग की समस्या दिखाई देने लगती है। इसकी वजह दीवार के अंदर की पाइपलाइन, बाथरूम की नमी, बाहरी दीवार में दरार या कमरे में हवा की कमी भी हो सकती है।

सीलन की शुरुआत अक्सर छोटे गीले निशान या दीवार का रंग बदलने से होती है। समय पर ध्यान नहीं दिया जाए तो पेंट फूलने लगता है, प्लास्टर कमजोर हो सकता है और सफेद पाउडर जैसे निशान दिखाई देने लगते हैं। इसलिए अगर छत से पानी नहीं आ रहा और फिर भी दीवार गीली हो रही है, तो इन जगहों की जांच जरूर करें।

दीवार के अंदर पाइप तो लीक नहीं कर रहा?

बाथरूम, किचन और वॉश एरिया में लगी पानी की पाइपलाइन दीवार के अंदर से लीक हो सकती है। ऐसे मामलों में बाहर पानी की बूंद नजर नहीं आती, लेकिन पाइप से निकलने वाला पानी धीरे-धीरे दीवार में नमी बढ़ाता रहता है। अगर बाथरूम या किचन से लगी दीवार के किसी एक हिस्से में लगातार सीलन दिखाई दे रही है, तो पाइप और उसके कनेक्शन की जांच करवाना बेहतर है। खासकर उस स्थिति में जब दीवार का एक हिस्सा बाकी जगहों की तुलना में ज्यादा ठंडा या गीला महसूस हो।

बाथरूम की भाप भी बन सकती है वजह

बाथरूम में नहाने के दौरान काफी भाप और नमी बनती है। अगर इस नमी के बाहर निकलने का सही इंतजाम नहीं है, तो यह दीवारों और कोनों पर जमा हो सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर सीलन और फफूंद की समस्या पैदा हो सकती है। बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करना और नहाने के बाद दरवाजा या खिड़की कुछ समय के लिए खुला रखना नमी को कम करने में मदद कर सकता है।

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किचन की दीवार पर भी दें ध्यान

खाना पकाते समय निकलने वाली भाप भी घर के अंदर नमी बढ़ा सकती है। खासकर ऐसे किचन में जहां धुआं और भाप बाहर निकालने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं है। अगर किचन से जुड़ी दीवार पर बार-बार पेंट फूल रहा है, उखड़ रहा है या काले निशान दिखाई दे रहे हैं, तो केवल पेंट कराने के बजाय नमी का असली कारण पता करना जरूरी है।

बाहरी दीवार में छोटी दरार भी हो सकती है कारण

कभी-कभी बारिश का पानी छत से नहीं बल्कि घर की बाहरी दीवार से अंदर आता है। दीवार में मौजूद छोटी दरार, खराब प्लास्टर या पुरानी सीलिंग पानी को अंदर जाने का रास्ता दे सकती है। अगर बारिश के बाद दीवार की सीलन बढ़ जाती है, तो घर के बाहरी हिस्से की जांच करें। खिड़की के आसपास, दीवार के जोड़ और दूसरी दरारों को भी ध्यान से देखना चाहिए।

खिड़की और दरवाजे की सीलिंग जांचें

खिड़की के फ्रेम और दीवार के बीच की छोटी जगह भी पानी के अंदर जाने की वजह बन सकती है। बारिश के दौरान अगर फ्रेम के पास पानी जमा होता है और सीलिंग ठीक नहीं है, तो नमी धीरे-धीरे दीवार तक पहुंच सकती है। अगर सीलन केवल खिड़की के आसपास दिखाई देती है, तो खिड़की की सीलिंग और बाहरी हिस्से की जांच करवाना सही रहेगा।

कमरे में नमी और हवा की कमी तो नहीं?

घर के अंदर कपड़े सुखाना, कम वेंटिलेशन, कमरे को लंबे समय तक बंद रखना और धूप की कमी भी नमी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में सीलन अक्सर कमरे के कोनों, खिड़की के आसपास और दीवार के दूसरे कम हवादार हिस्सों में दिखाई देती है। अगर दीवार पर काले धब्बे या फफूंद नजर आने लगी है, तो केवल पेंट करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। कमरे में हवा का सही प्रवाह बनाए रखना भी जरूरी है।

अलमारी के पीछे भी जरूर देखें

अगर बड़ी अलमारी या फर्नीचर दीवार से बिल्कुल चिपका हुआ है, तो उसके पीछे हवा का आना-जाना बंद हो सकता है। इससे नमी फंस जाती है और कुछ समय बाद दीवार पर फफूंद या सीलन दिखाई देने लगती है। अगर समस्या केवल अलमारी के पीछे है, तो फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे। साथ ही उस हिस्से में नमी का कोई दूसरा स्रोत तो नहीं है, इसकी भी जांच करें।

सीलन वाली दीवार पर सिर्फ पेंट न करवाएं

सीलन वाली दीवार पर नया पेंट करा देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। अगर पानी या नमी का स्रोत पहले की तरह बना रहता है, तो कुछ समय बाद पेंट फिर फूल सकता है और सीलन वापस आ सकती है, इसलिए पहले नमी की वजह पता करें। जरूरत के अनुसार पाइपलाइन, दरार, खिड़की की सीलिंग, वेंटिलेशन या वॉटरप्रूफिंग से जुड़ी समस्या को ठीक करवाने के बाद ही दीवार की मरम्मत और पेंट का काम कराना बेहतर होता है।