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मोटापा का कारण बन सकता है कम मात्रा में नींद लेना, जानें और किस-किस कारण से होता फैट

मोटापा का कारण बन सकता है कम मात्रा में नींद लेना, जानें और

आज के समय में वजन बढ़ना आम सी बात हो गई। ज्यादातर लोगों का वजन बैठे-बैठे बढ़ रहा है। वहीं, कई बार घर का बना हुआ और सेहतमंद खाना खाने के बावजूद वजन बढ़ने लगता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे, भोजन में अधिक कार्बोहाइड्रेट वाले रोटी, चावल और पराठे आदि का अधिक होना। प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की कमी। इससे असंतुलन पैदा होता है। वहीं संतुलित भोजन करने से पेट भरा रहता है और ओवरईटिंग की संभावना कम होती है। चलिए कुछ वजन बढ़ने के कारणों के बारे में जानते हैं। 

शायद आपको ये नहीं पता होगा कि तनाव यानी की स्ट्रेस सबसे बड़ा कारण है वजन बढ़ने की। तनाव इमोशनल ईटिंग को बढ़ा सकता है। यह कॉर्टिसोल हॉर्मोन के स्तर को भी बढ़ाता है, जो मीठे या फैटी फूड्स की क्रेविंग्स को बढ़ाता है। भले ही आप घर का बना खाना खा रहे हों, लेकिन तनाव अधिक होने के कारण आप अधिक खा सकते हैं या ऐसा भोजन ज्यादा कर सकते हैं। इसमें कैलोरी ज्यादा होती है। ऐसे में तनाव को मैनेज करने के लिए योग, ध्यान या वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। यह तनाव के साथ ही वजन को मैनेज करने में मदद करेगा।

सिर्फ इसलिए कि किसी चीज को हेल्दी कहा गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह वजन नहीं बढ़ा सकती। नट्स, बीज, सूखे मेवे और एनर्जी बार जैसे फूड हेल्दी तो होते हैं, लेकिन उनमें काफी कैलोरी होती है। इन स्नैक्स को अधिक मात्रा में खाने से ओवरईटिंग हो सकती है। स्नैकिंग करते समय, उसकी मात्रा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। नट्स या एनर्जी बार का अधिक सेवन करने से एक दिन में सैकड़ों अतिरिक्त कैलोरी शरीर में पहुंच सकती हैं।

विशेष रूप से जिन लोगों की डेस्क जॉब्स होती हैं, वे लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और वजन बढ़ सकता है। फिर भले ही वे हेल्दी खा रहे हों। लंबे समय तक बैठने से खराब पोस्चर और मांसपेशियों को नुकसान भी हो सकता है, जो वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए हर घंटे थोड़ा चलें, स्ट्रेच करें, और दिन भर हल्की शारीरिक एक्टिविटी, जैसे चलना या स्टैंडिंग डेस्क का उपयोग आदि करते रहें।

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नींद वजन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर आप देर से सोते हैं या शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता है तो यह शरीर की फैट बर्न करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो शरीर भूख बढ़ाने वाले हार्मोन जैसे कि ग्रेलिन का उत्पादन अधिक करता है। इससे आप ज्यादा खाते हैं। वहीं तृप्ति का संकेत देने वाला हार्मोन लेप्टिन कम बनने लगता है।

इसके अलावा, जब आप गहरी नींद में होते हैं, तब शरीर की फैट बर्न करने की प्रक्रिया बेहतर काम करती है। अगर आप लगातार देर से सो रहे हैं या पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं, तो आपका शरीर उस महत्वपूर्ण फैट-बर्निंग चरण को मिस कर देता है, जिससे वजन बढ़ सकता है। ऐसे में हर रात 7-8 घंटे की गुणवत्ता वाली नींद लेने का प्रयास करें ।