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NSMCH में अस्पताल से प्राप्त संक्रमण – बदलते परिदृश्य और नई चुनौतियाँ" पर दो दिवसीय सम्मेलन MICROCON-2024, IAMM बिहार चैप्टर का भव्य समापन

NSMCH में अस्पताल से प्राप्त संक्रमण – बदलते परिदृश्य और नई

PATNA : 2024 –"HAI (हॉस्पिटल एक्वायर्ड इन्फेक्शंस) – बदलते परिदृश्य और नई चुनौतियां" विषय पर पहला वार्षिक सम्मेलन नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), बिहटा में 21 सितंबर 2024 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन में राज्यभर के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और HAI की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के नए तरीकों पर चर्चा की।

सम्मेलन का समापन, बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अपने मुख्य संबोधन में उन्होंने अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के लिए सशक्त रणनीतियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि HAI से निपटने के लिए न केवल तकनीकी समाधान आवश्यक हैं, बल्कि अस्पतालों की नीतियों और प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार की भी आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने इस दिशा में सरकार के समर्थन और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हर साल होगा आयोजन

सम्मेलन के मुख्य संरक्षक  एम.एम. सिंह, अध्यक्ष, NSMCH और कृष्ण मुरारी, प्रबंध निदेशक, NSMCH, रहे।  एम.एम. सिंह ने सम्मेलन के समापन पर यह घोषणा की यह वार्षिक सम्मेलन प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा, ताकि मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान और नवाचारों का आदान-प्रदान होता रहे। श्री कृष्ण मुरारी ने सम्मेलन के समापन में कहा, "HAI की रोकथाम और अस्पतालों में संक्रमण प्रबंधन के लिए सशक्त रणनीतियों को अपनाना अत्यावश्यक है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा सके।" सम्मेलन की अध्यक्षता IAMM बिहार चैप्टर की अध्यक्ष डॉ. नम्रता कुमारी (IGIMS, पटना) और सचिव डॉ. प्रियंका नारायण (PMCH) के नेतृत्व में किया । अपने संबोधन में उन्होंने HAI के बदलते स्वरूप और उससे निपटने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. कुमारी ने कहा कि अस्पतालों में संक्रमण प्रबंधन के लिए उन्नत उपायों को अपनाने की तत्काल जरूरत है।

डॉ. प्रियंका नारायण, सचिव, PMCH, पटना, ने सम्मेलन का सफल प्रबंधन किया और HAI की रोकथाम में अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम उपायों पर अपने अनुभव साझा किए। आयोजन सचिव के रूप में डॉ. मुकेश कुमार, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, NSMCH, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. अनुपमा सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, NSMCH, ने सह-सचिव की भूमिका निभाई। प्रमुख संरक्षकों में डॉ. अशोक शरण, प्राचार्य, NSMCH, डॉ. अरविंद प्रसाद और डॉ. रामजी प्रसाद, संयुक्त निदेशक, NSMCH, हरिहर दीक्षित, डीन, NSMCH, बिहटा, और डॉ. अजीत गुप्ता, अस्पताल अधीक्षक, NSMCH, बिहटा शामिल थे।

NSIT
Nsmch

दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें विशेषज्ञों ने HAI के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकी प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा की। शोध पत्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि अस्पतालों को संक्रमण नियंत्रण के लिए सुदृढ़ प्रोटोकॉल और प्रणाली अपनाने की आवश्यकता है। इस सम्मेलन ने न केवल HAI की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान किया है।इस सफल आयोजन ने बिहार के चिकित्सा जगत में संक्रमण नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और यह भविष्य में इस मुद्दे पर ठोस प्रयासों के लिए प्रेरणा बनेगा।

इस अवसर पर डॉ. यशवंत कुमार सिंह, डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. शिवेंद्र कुमार शाही, डॉ. शंकर प्रकाश, डॉ. हरिलाल महतो, डॉ. उमेश शर्मा, डॉ. सुरेश नरायण शर्मा, डॉ. अनिमा एक्सेस, डॉ. सतेन्द्र एन सिंह, डॉ. रंजन कुमार श्रीवास्तव जैसे जानेमाने चिकित्सा विद को माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में  विशिष्ट योगदान के लिए Netaji Subhas Medical College & Hospital, Bihta, Patna के द्वारा सम्मानित किया गया ।