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अनूप मास्टर्स कोर्स के दौरान भारत में पहली बार नीदरलैंड से टखने (एंकल रिप्लेसमेंट) और पैर की सर्जरी, प्रत्यारोपण तथा प्रतिस्थापन का लाइव प्रदर्शन

अनूप मास्टर्स कोर्स  के दौरान भारत में पहली बार नीदरलैंड से

PATNA :  हम अनूप मास्टर्स कोर्स (AMC) के माध्यम से हड्डी रोग के विशेषज्ञ डाॅक्टरों की विशेषज्ञता को बढ़ाना चाहते हैं ताकि बिहार समेत देश के हड्डी रोग के मरीजों को अत्याधुनिक विश्वस्तरीय तकनीक का इस्तेमाल कर इलाज किया जा सके। AMC में बिहार समेत देश-विदेश के नामी-गिरामी डाॅक्टरों ने भाग लिया जिन्होंने अपने ज्ञान तथा अनुभव AMC में आए डाॅक्टरों के साथ साझा किये। ऐसे एएमसी से डाॅक्टर अपने आप को अपडेट करते रहते हैं और इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलता है। एएमसी के दौरान भारत में पहली बार नीदरलैंड से टखने और पैर की सर्जरी तथा प्रत्यारोपण तथा प्रतिस्थापन का लाइव प्रदर्शन किया गया। यह एएमसी 21 सितम्बर से लेकर 22 सितम्बर तक पटना के होटल मौर्या में आयोजित किया गया। ये बातें देश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत करने वाले तथा अनूप इंस्टीच्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, पटना के डाॅक्टर आशीष सिंह ने एएमसी के उद्घाटन समारोह में आज शनिवार 21 सितम्बर को कहीं। 

उन्होंने कहा कि यह छठा अनूप मास्टर्स कोर्स था। एएमसी में पैर व टखने के  विशेषज्ञ डाॅ. डैनियल पोटर, डाॅ. कपलेश्वरी शाह (यू.के.) जैसे 20 से ज्यादा प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय फैकल्टी ने भाग लिया। इस दौरान लाइव रोबोटिक सर्जरी में कूल्हे और घुटने की प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया। एएमसी के दौरान हड्डी के कैंसर की तकनीक, पैर और टखने पर ध्यान, खेल की चोट और कंधे के प्रतिस्थापन पर वाद-विवाद और चर्चा की गयी। 

डाॅ. सिंह ने कहा कि हम बिहार को विश्व के मानचित्र पर लाने के लिए कटिबद्ध हैं और एएमसी इसमें सहायक साबित हो रहा है। एएमसी में देश और विदेश के प्रसिद्ध फैकल्टी भाग लेते आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि बिहार तथा देश के हड्डी रोग के मरीजों को वैसा ही इलाज मिले जैसा विदेशों में मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दो दिनों का आकदमिक कोर्स था। इन दो दिनों में देश और दुनिया के प्रसिद्ध जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञों ने नये अपटेड और तथा आधुनिक तकनीक की जानकारी दी।

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यह एएमसी बिहार के आॅर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित किया जाता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. अनिल कुमार तथा सचिव डाॅ. प्रवीण कुमार साहू ने छठे एएमसी की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि इसका लाभ हड्डी रोग के मरीजों को मिलेगा जिसका श्रेय डाॅ. आशीष सिंह को जाता है। वह सदैव बिहार के बारे में सोचते रहते हैं कि किस प्रकार यहां के मरीजों को आधुनिक तकनीक के साथ इलाज किया जाए।


छठे एएमसी के अध्यक्ष डाॅ. आशीष सिंह और शिल्पी सिंह थे। आयोजन समिति में पैट्रन डाॅ. आर.एन. सिंह, डाॅ. एस.एस. झा, डाॅ. जाॅन मुखोपाध्याय, डाॅ. (कैप्टन) विजय शंकर सिंह, डाॅ. एस.एन. सर्राफ, डाॅ. विश्ववेन्द्र सिन्हा, डाॅ. भरत सिंह तथा डाॅ. सुधीर माने शामिल थे। आयोजन के को-चेयरमैन डाॅ. अमूल्या सिंह, डाॅ. अशोक कुमार सिंह, डाॅ. पंकज सिंह, डाॅ. राजीव आनन्द, डाॅ. राकेश चैधरी, डाॅ. सुशील कुमार सिंह, डाॅ. (प्रो.) रितेश रूनू, डाॅ. निशांत कुमार, डाॅ. के.एस. आनन्द, डाॅ. (प्रो.) संतोष कुमार और डाॅ. भुवन सिंह शामिल थे। विशिष्ट फैकल्टी में डाॅ. ए.के. मानव, डाॅ. अभिषेक दास, डाॅ. अरविंद प्रसाद गुप्ता तथा डाॅ. अमृता सिंह शामिल थे।