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Pitru Paksha: पितृ पक्ष मेला हो रहा है समाप्त, आज मनेगी पितरों की दिवाली, जानें अगले तीन दिनों में और क्या-क्या होगा

Pitru Paksha: पितृ पक्ष मेला हो रहा है समाप्त, आज मनेगी पितर

मोक्ष नगरी गया में इस समय पितृ पक्ष मेला धूमधाम से मनाया जा रहा है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी 30 सितंबर, सोमवार को शाम को दीपदान के साथ पितृ दीपावली मनाई जाएगी। यह पर्व उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जो अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध का आयोजन करते हैं।

पितृ पक्ष मेला हर साल श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और इस वर्ष भी लाखों लोग पितृ पक्ष में भाग लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु अपने पितरों के नाम पर तर्पण और श्राद्ध करने के लिए पवित्र फल और जल के साथ गया आ रहे हैं। गया में इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।


पितृ पक्ष का महत्त्व

पितृ पक्ष का पर्व विशेष रूप से पितरों की स्मृति में मनाया जाता है। यह समय उन पितरों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का है, जो इस धरती पर रह चुके हैं। श्रद्धालु इस समय अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान का आयोजन करते हैं। इस पवित्र अवसर पर गया के पवित्र स्थलों, जैसे कि फल्गु नदी और गायत्री घाट पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


विशेष तिथियाँ और कार्यक्रम

  • 30 सितंबर (त्रयोदशी तिथि): शाम को दीपदान के साथ पितृ दीपावली मनाई जाएगी। श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए दीप जलाएंगे और प्रार्थना करेंगे।

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    1 अक्टूबर (चतुर्दशी तिथि): इस दिन वैतरणी श्राद्ध, तर्पण और गोदान का आयोजन होगा। श्रद्धालु अपने पितरों के लिए पवित्र जल का तर्पण करेंगे।

  • 2 अक्टूबर (अमावस्या तिथि): इस दिन अक्षयवट श्राद्ध (खीर का पिंड), शैय्या दान, सुफल और पितृ विसर्जन का विधान होगा। श्रद्धालु विशेष रूप से इस दिन को पवित्र मानते हैं।

  • 3 अक्टूबर (प्रतिपदा तिथि): गायत्री घाट पर दही-चावल का पिंड, आचार्य की दक्षिणा और पितृ विदाई का आयोजन होगा। इस दिन श्रद्धालु अपने पितरों को विदाई देंगे और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे।


श्रद्धालुओं की तैयारी

गया में पितृ पक्ष मेले के दौरान श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं। श्रद्धालु अपने साथ फूल, फल, अनाज और अन्य सामग्री लेकर आते हैं, जिससे पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। गया का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत है, जहां श्रद्धालुओं की कतारें लंबी होती जा रही हैं।


समापन

इस प्रकार, मोक्ष नगरी गया में पितृ पक्ष का मेला एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन बन गया है, जो श्रद्धालुओं को उनके पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। श्रद्धालु आशा करते हैं कि उनके किए गए तर्पण और श्राद्ध से उनके पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी। इस पर्व की तैयारी और श्रद्धालुओं की भक्ति का आलम यह दर्शाता है कि पितृ पक्ष न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह परिवारों को एकजुट करने और पितरों की यादों को जीवित रखने का भी एक अवसर है। मोक्ष नगरी गया में यह पितृ पक्ष मेला श्रद्धा, समर्पण और प्रेम का प्रतीक है