LATEST NEWS

  • Sonepur Mela
  • Sonepur Mela: सोनपुर मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 7 स्वास्थ्य शिविर और 9 जगहों पर रहेंगी एंबुलेंस

  • Bihar Skilled Youth
  • Bihar Skilled Youth: बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! 1,609 केंद्रों पर शुरू होगा डिजिटल मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • Bihar Education
  • Bihar Education: सारण की शिक्षिका सुभद्रा भवानी बनीं राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, शिक्षकों को देंगी खास ट्रेनिंग

  • Munger toto dispute
  • Munger toto dispute: मुंगेर में ई-रिक्शा लगाने को लेकर दो पक्षों में मारपीट, टोटो चालक समेत 3 घायल,

  • Bihar Cyclonic storm
  • Bihar Cyclonic storm: बिहार में आंधी-बारिश ने किसानों पर बरपाया कहर, खेतों में बिछी तैयार धान की

Bihar School News:दो दशक बाद भी स्कूलों की इमारतें नदारद, बारिश-सांप और धूप के बीच पढ़ाई, बच्चों का किताबों संग संघर्ष

Bihar School News: 2006 में स्थापित प्राथमिक स्कूल अब तक पक्की इमारत का चेहरा नहीं देख पाया है।....

Bihar School News
दो दशक बाद भी स्कूलों की इमारतें नदारद- फोटो : social Media

Bihar School News:बिहार के सुपौल ज़िले से निकली तस्वीर शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को नंगा कर देती है। सरायगढ़ भपटियाही ब्लॉक के नारायणपुर गांव के मुखिया टोला और पीपरा खुर्द पंचायत के मंडल टोला के स्कूलों में आज भी बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

2006 में स्थापित ये प्राथमिक स्कूल अब तक पक्की इमारत का चेहरा नहीं देख पाए।मुखिया टोला के प्राइमरी स्कूल में 184 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।यहां न बिजली है, न पंखा, न शौचालय।तीन टीचर हैं, जिनमें से एक ट्रेनिंग पर है।

Goal 2026

एक अस्थायी पक्की शेड को “क्लासरूम” बना दिया गया है, लेकिन गर्मी, धूप और बारिश से बचाव वहां भी मुश्किल है। “बारिश में  किताबें भीग जाते हैं।

मुखिया टोला स्कूल के हेडमास्टर का कहना है कि अगर ये बच्चे किसी बड़ी जाति या मजबूत सामाजिक पृष्ठभूमि से आते, तो अब तक स्कूल की स्थिति बदल चुकी होती।बच्चों के भविष्य पर सवाल पूछे जाने पर वे भावुक हो उठते हैं।बगल में बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव का पैतृक गांव है।ग्रामीण कहते हैं कि भले ही ये गांव उनके विधानसभा क्षेत्र में न आते हों, लेकिन उम्मीदें उन्हीं से हैं।

NSIT
Nsmch