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Ram Bhajan: भए प्रगट कृपाला परम दयाला कौसल्या हितकारी।

Ram Bhajan: भगवान राम विष्णु भगवान के 10 अवतारों में से 7 वें अवतार हा। मर्यादा पुरुष भगवान राम के जन्मोत्सव की स्तुति संत तुलसीदास जी द्वारा लिखी गई है।

Ram Bhajan
भए प्रगट कृपाला परम दयाला कौसल्या हितकारी।- फोटो : social Media

Ram Bhajan: भगवान राम विष्णु भगवान के 10 अवतारों में से 7 वें अवतार हा।   मर्यादा पुरुष  भगवान राम के जन्मोत्सव की स्तुति संत तुलसीदास जी द्वारा लिखी गई है।

भए प्रगट कृपाला परम दयाला कौसल्या हितकारी।

हरषित महतारी मुनि मनहारी अदभुत रूप बिचारी॥

लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।

भूषन बनमाला नयन बिसाला सोभासिंधु खरारी॥

कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता।

माया गुन ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता॥

करुना सुखसागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता।

सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रगट श्रीकंता॥

ब्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै।

मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै॥

उपजा जब ग्याना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै।

कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै॥

माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा।

कीजै सिसु लीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा॥

सुनि बचन सुजाना रोदन ठाना होइ बालक सुरभूपा।

यह चरित जे गावहिं हरिपद पावहिं ते प परहिं भवकूपा॥