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हैवानियत की सारी हदें पार : चाची के रेप-मर्डर का आरोपी जेल से छूटा, अब अपनी ही 9 साल की बेटी से दुष्कर्म की कोशिश मामले में काटेगा 10 साल कैद

उत्तराखंड के हरिद्वार में रिश्तों को तार-तार करने वाले एक मामले में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत/एडीजे चंद्रमणि राय ने अपनी 9 साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने वाले कलयुगी पिता को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है...

हैवानियत की सारी हदें पार : चाची के रेप-मर्डर का आरोपी जेल स

Uttrakhand : उत्तराखंड के धर्मनगरी हरिद्वार में रिश्तों को कलंकित और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुछ साल पहले अपनी ही चाची के साथ बलात्कार और फिर उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में जेल में बंद एक दरिंदा जब बाहर आया, तो उसने अपनी ही 9 साल की मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। इस अत्यंत संवेदनशील और घिनौने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए हरिद्वार की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (POCSO)/एडीजे चंद्रमणि राय ने आरोपी पिता को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सख्त सजा सुनाई है।


लॉकडाउन में जेल से बाहर आते ही मासूम बेटी पर डाली गंदी नजर

शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने अदालत में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोषी पिता पर पहले से ही पड़ोस में रहने वाली अपनी सगी चाची के साथ दुष्कर्म करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी हत्या करने का गंभीर मुकदमा चल रहा था। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान वह किसी तरह जेल से पैरोल या जमानत पर बाहर आया था। लेकिन जेल से छूटते ही उसने सुधरने के बजाय अपनी मासूम नौ वर्षीय बेटी पर गंदी नजर डाल दी और 7 अक्टूबर 2022 से श्यामपुर थाना क्षेत्र स्थित अपने ही घर में बेटी का मानसिक और शारीरिक शोषण करना शुरू कर दिया।


रात के अंधेरे में करता था गंदी हरकत, मां के विरोध करने पर करता था मारपीट

पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पिता की इस घिनौनी करतूत की पूरी आपबीती सुनाई थी। मासूम ने बताया था कि उसका पिता कई रातों से गलत नीयत के साथ उसके साथ छेड़खानी और दुष्कर्म करने का प्रयास कर रहा है, जिससे वह किसी तरह बचकर भागती रही। जब पीड़िता की मां ने इस बात का कड़ा विरोध किया, तो हैवान पति ने सुधरने के बजाय अपनी पत्नी को गंदी-गंदी गालियां दीं, उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।


शोर सुनकर जागी मां ने चंगुल से छुड़ाया, पुलिस ने भेजा जेल

शिकायतकर्ता मां ने बताया कि हाल ही में एक रात को आरोपी ने दोबारा सोते समय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का हिंसक प्रयास किया। बच्ची के रोने और शोर मचाने की आवाज सुनकर जब मां की नींद खुली, तो उसने अपनी आंखों के सामने पति की दरिंदगी देखी। मां ने अपनी जान पर खेलकर बड़ी मुश्किल से मासूम बच्ची को उस दरिंदे पिता के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद मां ने तुरंत स्थानीय श्यामपुर थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वापस जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था।


अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनाया कड़ा फैसला

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इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन (सरकारी) पक्ष ने कोर्ट के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए 8 महत्वपूर्ण गवाह और साक्ष्य पेश किए, जबकि कोर्ट की ओर से एक गवाह पेश किया गया। बचाव पक्ष की ओर से केवल आरोपी पिता ने खुद को निर्दोष बताते हुए गवाही दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों को देखने के बाद फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रमणि राय ने पिता के कृत्य को जघन्य माना और उसे 10 साल की कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि यदि दोषी पिता 10 हजार रुपये की जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।