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Chief Minister Fellowship Scheme:बिहार में शुरू होगी मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना,ये होगा फेलोज का मानदेय , ये छात्र होंगे बमबम

Chief Minister Fellowship Scheme: चुनावी माहौल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई अहम और सनसनीखेज फ़ैसले किए। कैबिनेट की बैठक में फेलोशिप योजना को हरी झंडी दी गई....

Chief Minister Fellowship Scheme
बिहार में शुरू होगी मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना- फोटो : social Media

Chief Minister Fellowship Scheme: चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा और सनसनीखेज फ़ैसला किया। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत कुल 121 फेलोज को चयनित किया जाएगा। ये तैनाती मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और विकास आयुक्त सचिवालय के सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्त, 38 जिले के डीएम कार्यालय और नगर निगम आयुक्त कार्यालय में की जाएगी।

फेलोज का मानदेय अलग-अलग पदों के हिसाब से तय किया गया है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात फेलोज को डेढ़ लाख रुपए, मुख्य सचिव और विकास आयुक्त कार्यालय के फेलोज को सवा लाख रुपए, और सचिवालय विभाग में नियुक्त 45 फेलोज को एक लाख रुपए दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, डीएम कार्यालय और नगर निगम कार्यालय में तैनात फेलोज को 80 हजार रुपए का मानदेय मिलेगा।

यह योजना केवल पद और मानदेय तक सीमित नहीं है। अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भी चयन किया जाएगा, जिससे प्रशासन में दक्षता और राजनीतिक रणनीति दोनों मजबूत हों। इसे राज्य प्रशासन में नयी ऊर्जा और सक्रियता लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

राजनीति और प्रशासन की दुनिया में इसे अब तक का सबसे बड़ा स्ट्रेटेजिक मूव माना जा रहा है। फेलोशिप योजना से न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि चुने गए फेलोज को महत्वपूर्ण विभागों में प्रशिक्षण और अनुभव भी मिलेगा।

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राजनीतिक समीक्षक इसे चुनावी साल में सत्ता और प्रशासन पर नीतीश कुमार की पकड़ मजबूत करने वाला कदम बता रहे हैं। योजना के तहत चयनित फेलोज राज्य के प्रमुख कार्यालयों में काम करेंगे और भविष्य में प्रशासनिक नेतृत्व के लिए तैयार किए जाएंगे।नीतीश सरकार के इस कदम से साफ है कि प्रशासनिक सुधार और चुनावी रणनीति का संगम अब राज्य की राजनीति में स्पष्ट नजर आने लगा है।