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Red Bull Energy Drink: रेड बुल ने FSSAI के खिलाफ खटखटाया HC का दरवाजा, कोर्ट ने पूछा ये बड़ा सवाल

Red Bull Energy Drink: Red Bull ने ‘Energy Drink’ लेबल हटाने के FSSAI के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जानें कोर्ट ने क्या पूछा और पूरा विवाद क्या है।

Red Bull Energy Drink

Red Bull Energy Drink: भारत में ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI और रेड बुल के बीच विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। FSSAI ने रेड बुल को अपने कैफीन वाले ड्रिंक्स की पैकेजिंग से ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द हटाने का निर्देश दिया है। इसके खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI से क्या पूछा?

इस मामले की सुनवाई 28 सितंबर 2026 को जस्टिस अमित महाजन की अदालत में हुई। कोर्ट ने FSSAI से पूछा कि 30 जून के आदेश से पहले क्या रेड बुल को कोई शो-कॉज नोटिस दिया गया था और क्या कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका मिला था। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी को सुने बिना तुरंत कार्रवाई करने की क्या जरूरत थी। FSSAI से इस बारे में निर्देश लेने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। सोमवार की सुनवाई में रेड बुल को कोई अंतरिम राहत नहीं दी गई।

FSSAI ने रेड बुल को क्या निर्देश दिया?

रेड बुल ने दिल्ली हाईकोर्ट में 30 जून 2026 के FSSAI आदेश को चुनौती दी है। इस आदेश में कंपनी को अपने कैफीन वाले पेय पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ डिस्क्रिप्शन का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया था। इसके बाद 17 जुलाई को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी एक कम्युनिकेशन भेजा गया। रेड बुल का दावा है कि इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में उसके प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई हुई और स्टॉक जब्त किया गया।

रेड बुल का क्या कहना है?

कंपनी का कहना है कि वह 2002 से भारत में अपने प्रोडक्ट्स को ‘एनर्जी ड्रिंक’ नाम से बेच रही है। रेड बुल का आरोप है कि 30 जून का आदेश जारी करने से पहले उसे कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका मिला। कंपनी ने FSSAI के पहले के रुख का भी हवाला दिया है। रेड बुल ने मार्च 2024 की FSSAI एडवाइजरी का जिक्र करते हुए कहा है कि उस समय संबंधित कैटेगरी के कुछ प्रोडक्ट्स के लिए ‘एनर्जी’ शब्द के इस्तेमाल की अनुमति स्पष्ट की गई थी।

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2024 की FSSAI एडवाइजरी में क्या कहा गया था?

मार्च 2024 की FSSAI एडवाइजरी में कहा गया था कि FCS 14.1.4.1 और 14.1.4.2 के तहत लाइसेंस वाले कार्बोनेटेड और नॉन-कार्बोनेटेड वॉटर-बेस्ड फ्लेवर्ड ड्रिंक्स के लिए ‘एनर्जी’ शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही FSSAI ने ई-कॉमर्स कंपनियों से कहा था कि ऐसे प्रोडक्ट्स को वेबसाइट पर सही फूड कैटेगरी में रखा जाए और उन्हें गलत तरीके से हेल्थ ड्रिंक या ‘एनर्जी ड्रिंक’ कैटेगरी में न दिखाया जाए। FSSAI के पुराने फूड स्टैंडर्ड दस्तावेज में भी ड्रिंक्स को वॉटर बेस्ट फ्लेवर ड्रिंककी संबंधित कैटेगरी में शामिल किया गया है।

अभी क्या तय हुआ है?

फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला नहीं दिया है कि रेड बुल को ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द इस्तेमाल करने की अनुमति है या नहीं। कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में मुख्य रूप से इस बात पर FSSAI से जवाब मांगा है कि आदेश जारी करने से पहले कंपनी को नोटिस और सुनवाई का मौका दिया गया था या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को होगी। तब इस विवाद में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।