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India Crude Oil: भारत में पेट्रोल-डीजल को लेकर हलचल, सरकार का बड़ा बयान-‘घबराइए मत, 50-60 दिन का तेल रिज़र्व मौजूद’

India Crude Oil:जंग की आहट के साथ ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें तैरने लगीं..

Fuel Rush in India Govt Says 60 Days Oil Reserve Available
भारत में पेट्रोल-डीजल को लेकर हलचल- फोटो : social Media

India Crude Oil:  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका तथा इजरायल के लगातार हमलों की खबरों ने भारत में भी सियासी और आर्थिक हलकों में बेचैनी पैदा कर दी है। जंग की आहट के साथ ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें तैरने लगीं। नतीजा यह हुआ कि कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें दिखाई दीं और वाहन मालिक एहतियातन ईंधन का स्टॉक जमा करने में जुट गए।

हालांकि इस बढ़ती हलचल के बीच केंद्र सरकार ने साफ और सख्त लहजे में स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार का कहना है कि देश में तेल की कोई किल्लत नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास इस समय लगभग 25 करोड़ बैरल (करीब 4,000 करोड़ लीटर) कच्चा तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त भंडार मौजूद है। यह स्टॉक पूरे मुल्क की ऊर्जा जरूरतों को करीब 7 से 8 सप्ताह यानी 50 से 60 दिनों तक आराम से पूरा कर सकता है।

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ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत रखने के लिए भारत ने अपना तेल भंडार किसी एक जगह सीमित नहीं रखा है। रणनीतिक सोच के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे सुरक्षित रखा गया है। मैंगलोर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, पादुर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और विशाखापत्तनम रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार जैसी भूमिगत सुविधाएं देश की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूत ढाल मानी जाती हैं। इसके अलावा रिफाइनरियों और डिपो में बने विशाल टैंकों, हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में मौजूद तेल और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ते कई बड़े टैंकर भी इस आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा हैं।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं है। पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, एलपीजी और एलएनजी जैसे तैयार ईंधनों का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। साथ ही भारत अभी भी वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं जैसे रूस, इराक और संयुक्त अरब अमीरात से नियमित रूप से तेल प्राप्त कर रहा है।

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सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रहे दो बड़े दावों को पूरी तरह गलत करार दिया है पहला कि वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है और दूसरा कि भारत के पास केवल 25 दिनों का तेल बचा है। सरकार के मुताबिक वास्तविकता यह है कि सप्लाई चेन के सभी हिस्सों को मिलाकर भारत के पास 50-60 दिनों का मजबूत बैकअप मौजूद है।

पश्चिम एशिया की उथल-पुथल के बावजूद भारत की ऊर्जा कूटनीति और रणनीतिक भंडारण नीति ने देश को एक मजबूत सुरक्षा कवच दिया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर यकीन न करें और घबराहट में आकर ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि देश में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त और स्थिर है।