LATEST NEWS

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

हाजीपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव का खुलासा: आरपीएफ ने 72 घंटे में 4 नाबालिगों को किया चिन्हित

हाजीपुर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच का शीशा क्षतिग्रस्त होने के मामले का महज 72 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है।उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ ने घटना में संलिप्त चार नाबालिग बालकों की पहचान की है....

हाजीपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव का खुलासा: आरपीएफ न
वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव का खुलासा- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : हाजीपुर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच का शीशा क्षतिग्रस्त होने के मामले का महज 72 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। बीते 3 जुलाई की शाम तेज गति से गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना हुई थी, जिससे ट्रेन के एक कोच का शीशा टूट गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ पोस्ट हाजीपुर ने तत्परता से मामला दर्ज किया था। प्रभारी निरीक्षक पी.के. रावत के नेतृत्व में उप निरीक्षक राकेश कुमार और उनकी टीम ने सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण और स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर इस मामले को सुलझाया।


खेल-खेल में फेंका था पत्थर: 7 से 11 वर्ष के बीच है बच्चों की उम्र

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरपीएफ ने घटना में संलिप्त चार विधि-विरुद्ध (नाबालिग) बालकों की पहचान की। अभिभावकों की उपस्थिति में जब इन बच्चों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे रेलवे ट्रैक के किनारे खेल-खेल में पत्थर फेंक रहे थे। इसी दौरान उनके द्वारा फेंका गया एक पत्थर वहां से गुजर रही तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच से टकरा गया। चिन्हित किए गए सभी नाबालिग वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 7 वर्ष से 11 वर्ष के बीच बताई गई है।


अभिभावकों को आरपीएफ की कड़ी चेतावनी: काउंसलिंग के बाद कानूनी कार्रवाई

रेल सुरक्षा बल द्वारा पकड़े गए बच्चों और उनके अभिभावकों को बुलाकर रेलवे सुरक्षा, जनसुरक्षा और ऐसी लापरवाही के गंभीर परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया (काउंसलिंग की गई)। साथ ही, भविष्य में दोबारा कभी रेलवे ट्रैक के आसपास ऐसी गलती न दोहराने की कड़ी चेतावनी दी गई। इस मामले में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (Juvenile Justice Act) तथा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


आरपीएफ की आमजन से अपील: बच्चों को रेलवे ट्रैक के आसपास जाने से रोकें

इस घटना के बाद रेल सुरक्षा बल (RPF) ने आम जनता और विशेषकर माता-पिता से एक भावुक और कड़क अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को रेलवे ट्रैक या रेलवे परिसर के आसपास खेलने, पत्थर फेंकने या पेड़ से आम तोड़ने जैसे जोखिम भरे कार्यों से सख्ती से रोकें। आरपीएफ ने सचेत किया कि बच्चों की इस तरह की छोटी सी लापरवाही तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों की जान और रेलवे की संपत्ति के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है।

NSIT
Nsmch

रिषभ की रिपोर्ट