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शर्मसार हुए रिश्ते! मां अभी जिंदा है, पर लालची बेटे ने 'मृत' बताकर बेच दी लाखों की पुश्तैनी जमीन!

रजिस्ट्री ऑफिस में बड़ा खेल! एक बेटे ने जीवित मां को मृत दिखाकर जमीन बेच डाली.पीड़िता कैलाश देवी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश से FIR दर्ज हुई.फर्जी बिक्री विलेख बनाकर जमीन बेची गई. पुलिस ने बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, कातिब फरार है.

शर्मसार हुए रिश्ते! मां अभी जिंदा है, पर लालची बेटे ने 'मृत'
शर्मसार हुए रिश्ते! मां अभी जिंदा है, पर लालची बेटे ने 'मृत' बताकर बेच दी लाखों की पुश्तैनी जमीन!- फोटो : REPORTER

बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक कलयुगी बेटे ने अपनी जीवित मां को कागजों पर मृत घोषित कर उनकी लाखों की जमीन बेच डाली। पीड़िता कैलाश देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े बेटे ने धोखाधड़ी का जाल बुनकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। जब स्थानीय थाने में सुनवाई नहीं हुई, तो न्याय के लिए वृद्ध मां को अपने छोटे बेटे के साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

साजिश के तहत जीवित मां को बताया 'मृत'

न्यायालय में पेश की गई जानकारी के अनुसार, कैलाश देवी खाता संख्या 529 और खेसरा नंबर 325 की जमीन की वैध मालकिन हैं और नियमित रूप से सरकार को लगान देती रही हैं। आरोपी बेटे नवल किशोर सिंह ने गांव के एक व्यक्ति अरुण कुमार सिन्हा के साथ मिलकर साजिश रची और 3 जुलाई 2023 को हाजीपुर निबंधन कार्यालय में एक फर्जी बिक्री विलेख (डीड) तैयार कराया। इस दस्तावेज में अपनी मां को मृत दिखाकर उसने अवैध रूप से जमीन की रजिस्ट्री कर दी।

कोर्ट के आदेश पर FIR और चार गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने वैशाली पुलिस अधीक्षक को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद 12 सितंबर को नगर थाना हाजीपुर में मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बेटे नवल किशोर सिंह, खरीदार अरुण कुमार सिन्हा, पहचानकर्ता सुनील भगत और गवाह रामबाबू सहनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस धोखाधड़ी में शामिल इन चारों आरोपियों की पहचान पुलिस ने पुख्ता कर ली है।

रजिस्ट्री ऑफिस और कातिब की भूमिका संदिग्ध

इस पूरे प्रकरण में जिला निबंधन कार्यालय की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में है, क्योंकि बिना दस्तावेजों की सही जांच और स्थल सत्यापन के फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई। पुलिस को एक स्थानीय कातिब की भूमिका पर भी गहरा संदेह है, जो फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस फरार कातिब की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

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