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एक करोड़ रोजगार के वादे पर अमल शुरू, हाजीपुर से हुआ शंखनाद; 450 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

बिहार में 1 करोड़ रोजगार देने की मुहिम हाजीपुर से शुरू हो गई है। मंत्री श्रवण कुमार ने रोजगार मेले में 450 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। जीविका और 17 कंपनियों ने मिलकर यह पहल की है।

एक करोड़ रोजगार के वादे पर अमल शुरू, हाजीपुर से हुआ शंखनाद;
नियुक्ति पत्र लेती युवती- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali बिहार सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के महाअभियान का शंखनाद कर दिया है। इस अभियान की शुरुआत वैशाली जिले के हाजीपुर से हुई, जहां रायवीरेंद्र कॉलेज में आयोजित रोजगार सह मार्गदर्शन मेले में 450 युवक-युवतियों को 'ऑन स्पॉट' नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हाजीपुर से शुरू हुई यह पहल अब पूरे प्रदेश में चलाई जाएगी ताकि बिहार के कोने-कोने में बेरोजगारों को अवसर मिल सके।

जीविका बनी रोजगार की नई सारथी 

बिहार में अब 'जीविका' की भूमिका बदल रही है। वह केवल स्वयं सहायता समूहों तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन का माध्यम बन रही है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत आयोजित इस मेले में जीविका ने अहम भूमिका निभाई। मेले में 2000 से ज्यादा बेरोजगार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से करीब 800 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया। फ्लिपकार्ट, नवभारत फर्टिलाइजर, विजन इंडिया और ट्रीडेंट ग्रुप जैसी देश की 17 नामी कंपनियों ने हिस्सा लिया और युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड, सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखापाल जैसे पदों के लिए चयनित किया।

अब बेटियां बोझ नहीं, लक्ष्मी हैं 

समारोह के दौरान महिला सशक्तिकरण और बदलती सामाजिक सोच पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पहले बच्चियों के जन्म को बोझ माना जाता था, लेकिन अब वे घर की "लक्ष्मी" हैं. बिहार सरकार जन्म से लेकर 10वीं-12वीं की पढ़ाई तक लड़कियों को आर्थिक मदद दे रही है. इस मौके पर वैशाली की 'गुड़िया कुमारी' का उदाहरण दिया गया, जो कभी सामान्य सदस्य थीं और आज 'गुड़िया एंटरप्राइजेज' चलाकर दूसरों को रोजगार दे रही हैं. यह भी बताया गया कि वैशाली जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें.

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मनीषा जैसी कई युवतियों के चेहरे खिले 

रोजगार मेले में नौकरी पाने वाले युवाओं में भारी उत्साह देखा गया। चयनित अभ्यर्थी मनीषा सिंह ने बताया कि उन्हें दोस्तों के माध्यम से इस मेले की जानकारी मिली थी. रायवीरेंद्र कॉलेज आकर उन्होंने फॉर्म भरा और प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें ऑफिस वर्क (Office Work) के लिए चुन लिया गया. मनीषा ने बताया कि चयन के बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया और पोस्टिंग के लिए पटना बुलाया गया है. सरकार की इस पहल से युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और मार्गदर्शन उपलब्ध हो रहा है।

रिपोर्ट - रिषभ कुमार