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upsc result 2025 - माँ के हाथ का खाना और खुद पर भरोसा: दिल्ली गए बिना अभिषेक चौहान ने दूसरे प्रयास में पाई 102वीं रैंक

हाजीपुर के अभिषेक चौहान ने अपनी सुख-सुविधाओं वाली मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी को ठोकर मारकर वह कर दिखाया, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। बिना दिल्ली या बड़े कोचिंग हब गए, केवल घर की चारदीवारी और ऑनलाइन संसाधनों के दम पर उन्होंने यूपीएससी में 102वीं

upsc result 2025 - माँ के हाथ का खाना और खुद पर भरोसा: दिल्ल

N4N Desk - बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर से एक प्रेरणादायी खबर सामने आई है, जहाँ अभिषेक चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 102वीं रैंक हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। अभिषेक की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी मोटी तनख्वाह वाली मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर, बिना किसी बड़े शहर जाए, अपने घर से ही तैयारी कर यह सफलता प्राप्त की है।

नौकरी छोड़ चुनी जनसेवा की राह


अभिषेक चौहान मूल रूप से समस्तीपुर के रहने वाले हैं, लेकिन उनका परिवार वर्तमान में हाजीपुर के दिग्घी पश्चिमी इलाके में रहता है। अभिषेक ने आईआईटी (IIT) से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक स्टार्टअप और मल्टीनेशनल कंपनी में काम करना शुरू किया था। हालांकि, वहां काम करते हुए उन्हें लगा कि स्टार्टअप्स का प्रभाव जमीनी स्तर पर उतना नहीं दिख पाता जितना एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में संभव है। उन्होंने बताया:

"स्टार्टअप्स का इम्पैक्ट ग्राउंड लेवल पर उतना नजर नहीं आता। पब्लिक सर्विस का जॉब काफी इम्पैक्टफुल है और यहाँ लोगों के साथ सीधे काम करने का मौका मिलता है, जो बहुत संतोषजनक है"।

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घर की पढ़ाई और माँ के हाथ का स्वाद

जहाँ आज के समय में छात्र यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जैसे महानगरों का रुख करते हैं, वहीं अभिषेक ने अपने घर पर रहकर ही पढ़ाई करना उचित समझा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और दोस्तों को देते हुए बताया कि उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों और कोचिंग का भरपूर उपयोग किया। अभिषेक ने मुस्कुराते हुए घर से तैयारी करने की एक और बड़ी वजह बताई:

"मेरे लिए घर में रहकर पढ़ाई करना आसान था क्योंकि मुझे अपनी माँ के हाथ का खाना बहुत पसंद है"।


शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि

अभिषेक के पिता, अभय कुमार सिंह, हाजीपुर के आरएन कॉलेज में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं और वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई रामकृष्ण मिशन स्कूल, पुरुलिया से की और 12वीं हाजीपुर से पूरी की। यूपीएससी परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय जूलॉजी (Geology) था और उन्होंने इंग्लिश मीडियम से परीक्षा दी थी।

तैयारी कर रहे युवाओं के लिए संदेश

अपने दूसरे प्रयास में सफल होने वाले अभिषेक का मानना है कि तैयारी के लिए कोई एक तय नियम नहीं होता और छात्रों को अपनी स्थिति के अनुसार फैसला लेना चाहिए। उन्होंने नए अभ्यर्थियों को सलाह दी:

  • निरंतरता: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQs) पर ध्यान दें और निरंतर अभ्यास करें।

  • ईमानदारी: जो विषय कठिन लगें, उन्हें और अधिक समय दें।

  • विकल्प: परीक्षा बहुत कठिन है, इसलिए इसमें बहुत अधिक समय तक उलझे नहीं रहना चाहिए। यदि सफल न हों तो जीवन में अन्य बेहतर विकल्पों की ओर बढ़ना चाहिए क्योंकि युवाओं का रोजगार से जुड़ा होना देश के लिए जरूरी है।

  • Report - Rishav kumar