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शॉर्ट सर्किट से सदर अस्पताल की एक्स-रे सेवा ठप, घंटों परेशान रहे मरीज

शॉर्ट सर्किट से सदर अस्पताल की एक्स-रे सेवा ठप, घंटों परेशान
एक्स-रे सेवा ठप होने से घंटों परेशान रहे मरीज- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला स्थित सदर अस्पताल में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण एक्स-रे सेवा 12 घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह ठप रही। इसके कारण बुधवार को अस्पताल पहुंचे दर्जनों मरीजों और उनके परिजनों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। सरकारी स्तर पर मिलने वाली मुफ्त एक्स-रे सुविधा बंद होने से मरीजों को न चाहते हुए भी अस्पताल परिसर के बाहर निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ा, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया।


सूचना के बाद भी दोपहर तक दुरुस्त नहीं हो सकी बिजली आपूर्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर रात एक्स-रे विभाग के बिजली कनेक्शन में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद पूरे विभाग की बिजली आपूर्ति ठप्प हो गई और एक्स-रे मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। एक्स-रे ऑपरेटर ने बताया कि घटना की जानकारी तत्काल अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद बुधवार दोपहर तक बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे पूरे दिन कामकाज पूरी तरह ठप रहा।


इमरजेंसी और हादसों के मरीजों पर टूटा दुखों का पहाड़, निजी केंद्रों में खर्च करने पड़े जेब से पैसे

इस अव्यवस्था का सबसे बुरा असर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों पर पड़ा। सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने या हड्डी टूटने के मामलों में डॉक्टरों द्वारा तुरंत एक्स-रे रिपोर्ट मांगी जाती है, ताकि प्राथमिक उपचार शुरू हो सके। लेकिन मशीन बंद रहने की वजह से मरीजों के परिजनों को गंभीर स्थिति में भी भटकना पड़ा। निजी जांच केंद्रों पर एक्स-रे कराने के लिए परिजनों को भारी-भरकम राशि अपनी जेब से चुकानी पड़ी, जिससे इलाज में भी काफी देरी हुई।


अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से नाराज हुए लोग, समय की बर्बादी और आर्थिक चपत से आक्रोश

अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों ने प्रशासनिक लचर रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया। लोगों का कहना था कि पर्ची कटाने और डॉक्टर से परामर्श के बाद जब वे एक्स-रे रूम पहुँचे, तब उन्हें सेवा बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद मरीज को लेकर निजी सेंटर जाना, रिपोर्ट का इंतजार करना और वापस अस्पताल आने में कई घंटे बर्बाद हो गए। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सूचना के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने तकनीकी खराबी दूर करने में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई।


जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की अपील

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यह घटना सदर अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा करती है। सरकारी दावों के विपरीत एक छोटी सी तकनीकी खराबी के कारण घंटों तक जरूरी सेवाएं बंद रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और मरीज के परिजनों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट