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31 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन, कर्मचारियों ने सरकार को सौंपा ज्ञापन

सुपौल जिले मे पुरानी पेंशन योजना लागू करने और पीएफआरडीए कानून वापस लेने समेत 31 मांगों को लेकर बिहार अराजपत्रित कर्मचारियों ने समाहरणालय के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की....

31 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर जोरदार
31 सूत्री मांगों को लेकर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का प्रदर्शन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार, 10 अगस्त को सुपौल समाहरणालय के मुख्य द्वार पर अराजपत्रित कर्मचारियों ने अपनी 31 सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता महासंघ के जिला मंत्री सूर्य नारायण राम ने की। इस दौरान समाहरणालय परिसर कर्मचारियों के नारेबाजी और मांगों के समर्थन में गूंजता रहा।

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को अविलंब बहाल करने और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की। इसके साथ ही, पीएफआरडीए (PFRDA) कानून को वापस लेने हेतु राज्य सरकार के स्तर से ठोस कार्रवाई करने की अपील की गई। महासंघ ने पूर्व की व्यवस्था की भांति राज्य वेतन आयोग गठित करने तथा प्रत्येक पांच वर्ष में कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण करने की भी मांग प्रमुखता से उठाई।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेका, संविदा और आउटसोर्सिंग प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाकर मानदेय पर कार्यरत कर्मियों की सेवा स्थायी करना शामिल है। इसके अलावा, दैनिक वेतनभोगी एवं मौसमी कर्मचारियों का नियमितीकरण, स्कीम वर्करों को सरकारी सेवक का दर्जा देने, समान काम के बदले समान वेतन लागू करने और सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम वैधानिक मजदूरी 26 हजार रुपये तय करने की जोरदार वकालत की गई।

प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर अविलंब नियमित बहाली करने की मांग की। साथ ही, कर्मचारियों और पेंशनरों के जनवरी 2020 से बकाया 18 महीने के महंगाई भत्ते (DA) एवं महंगाई राहत की किस्तों का शीघ्र भुगतान करने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा।

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इस अवसर पर विभूति कुमार, मनोज कुमार, सुभाष कुमार वर्मा, राजेश चंद्रा, रोहित कुमार, आशुतोष कुमार, राजदेव राय, कमल कुमार, प्रदीप कुमार, इंदु कुमारी, भीम रजक, प्रदीप सिंह, मो. रहमत, चंदन कुमार, मनीष मुस्कान, रामदेव राय, राजबली पाठक, पंचानन्द पासवान, मो. शमशेर और संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में अराजपत्रित कर्मचारी उपस्थित रहे।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट