LATEST NEWS

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

  • Kylie jenner
  • Kylie jenner: 4410 हीरे और 1,000 घंटे की मेहनत, जानें काइली जेनर की फैंटेसी ब्रा की खासियत

  • IT companies hiring
  • IT companies hiring: IT सेक्टर में लौटी भर्ती की रफ्तार, 5 बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

गर्मी की छुट्टी में ट्रेनिंग से शिक्षक परेशान : मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से प्रशिक्षण स्थगित करने की गुहार

Bihar Teacher : सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए सेवाकालीन प्रशिक्षण को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। शिक्षकों ने सीएम और शिक्षामंत्री से इस प्रशिक्षण को स्थिगित करने की मांंग की है.....

गर्मी की छुट्टी में ट्रेनिंग से शिक्षक परेशान : मुख्यमंत्री

Supaul : बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए सेवाकालीन प्रशिक्षण को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से गुहार लगाते हुए 1 जून से शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने पहले ही 1 जून से 20 जून तक के लिए ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टी) घोषित कर रखा है, ऐसे में छुट्टियों के दौरान ट्रेनिंग का आयोजन उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के अधिकारों का हनन है।


पहले से तय थे पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम

प्रशिक्षण का विरोध कर रहे शिक्षकों का तर्क है कि गर्मी की छुट्टी को ध्यान में रखकर उन्होंने महीने भर पहले से ही कई जरूरी योजनाएं बना रखी थीं। कई शिक्षकों को अपने या परिवार के सदस्यों के गंभीर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना था, जिसके लिए उन्होंने काफी समय पहले ही रेल टिकट आरक्षित करा लिए थे। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी हैं जो इन छुट्टियों में अपने परिवार और बच्चों के साथ वक्त बिताना चाहते थे। अचानक प्रशिक्षण की अनिवार्यता लागू होने से अब उनका बाहर जाना या परिवार के साथ समय बिताना पूरी तरह मुमकिन नहीं लग रहा है।


छूटे हुए शिक्षकों को विभाग ने दिया है आखिरी मौका

दरअसल, यह पूरा विवाद राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के एक नए निर्देश के बाद शुरू हुआ है। विभाग ने उन शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा करने का एक और मौका दिया है, जो पिछले सत्र में विभिन्न अनिवार्य कारणों से सेवाकालीन प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके थे। शिक्षा विभाग की मंशा है कि कोई भी शिक्षक इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से वंचित न रहे, इसी वजह से ग्रीष्मावकाश के दौरान ही 1 जून से विशेष सत्र आयोजित कर इन शिक्षकों को ट्रेनिंग में शामिल होने का सख्त निर्देश जारी किया गया है।


चुनाव ड्यूटी और स्वास्थ्य कारणों से छूटी थी ट्रेनिंग

परिषद के निदेशक सज्जन आर की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान कई शिक्षक अलग-अलग सरकारी कर्तव्यों के कारण प्रशिक्षण नहीं ले पाए थे। इनमें विधान सभा चुनाव के दौरान एसआईआर (SIR) कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक, जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मी, गंभीर स्वास्थ्य संबंधी कारणों से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक तथा अन्य अपरिहार्य कारणों से ट्रेनिंग से वंचित रह गए शिक्षक शामिल हैं। इन सभी छूटे हुए शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें इस बैच में बुलाया गया है।


शिक्षकों ने लगाई मानवीय आधार पर राहत की गुहार

NSIT
Nsmch

शिक्षकों के विभिन्न संगठनों का कहना है कि वे प्रशिक्षण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के इस दौर में जब विभाग ने खुद स्कूलों को बंद किया है, तब शिक्षकों को बुलाना व्यावहारिक नहीं है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मानवीय आधार पर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि इस सेवाकालीन प्रशिक्षण को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए और जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई में स्कूल खुलने के बाद इसे दोबारा री-शेड्यूल किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका नियोजित अवकाश मिल सके।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट