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कोसी के कटाव से दुबियाही पंचायत को बचाने की गुहार, सैकड़ों ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

कोसी के कटाव से दुबियाही पंचायत को बचाने की गुहार, सैकड़ों ग
कोसी के कटाव को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत दुबियाही पंचायत के सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को समाहरणालय पहुंचकर जिला पदाधिकारी (DM) को एक मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कोसी नदी के लगातार हो रहे भीषण कटाव से अपनी पंचायत को बचाने के लिए अविलंब स्थायी समाधान की मांग की है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने विस्तार से बताया कि उनका पूरा पंचायत हर साल कोसी नदी की विनाशकारी और मर्मांतक मार झेलता है, जिससे पूरे इलाके का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त और प्रभावित हो जाता है।


चार वर्षों से सिर्फ मिल रहा आश्वासन, धरातल पर नहीं हुआ कोई ठोस काम

मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद रज्जाक ने बताया कि पिछले चार वर्षों से पंचायत के लोग कोसी नदी के कटाव को रोकने, प्रभावित क्षेत्रों में पाइलिंग कार्य कराने एवं मजबूत सुरक्षा तटबंध निर्माण की मांग को लेकर जिला प्रशासन को लगातार लिखित आवेदन दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस या धरातलीय कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मानसून और बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे ग्रामीणों की रात की नींद हराम हो जाती है।


कोसी की लहरों में समा रही खेती योग्य जमीन, किसानों के सामने भुखमरी का संकट

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बाढ़ और तेज कटाव के कारण दर्जनों परिवारों को अपना पुश्तैनी घर-बार छोड़कर मजबूरन दूसरे सुरक्षित स्थानों पर जाकर शरण लेनी पड़ती है। इसके अलावा, ग्रामीणों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ और खेती योग्य जमीन भी धीरे-धीरे कोसी नदी की तेज धारा में समाती जा रही है। जमीन कटने से स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और उनके सामने भुखमरी का संकट मंडराने लगा है। इसको लेकर ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया।


जल्द कटाव निरोधी कार्य शुरू न होने पर समाहरणालय गेट के घेराव की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने पहुंचे दुबियाही पंचायत के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दोटूक शब्दों में जल्द से जल्द प्रभावित इलाकों में कटाव निरोधी कार्य (फ्लड फाइटिंग वर्क) शुरू कराने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो वे लोग सुपौल समाहरणालय के मुख्य गेट का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।


"अब केवल कोरा आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए"

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आंदोलन का रुख अख्तियार कर चुके ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि अब उन्हें अधिकारियों से मिलने वाला केवल कोरा आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर वास्तविक काम चाहिए ताकि आने वाले मानसून और बाढ़ के दिनों में उनके गांवों को कोसी के विनाशकारी कटाव से समय रहते सुरक्षित बचाया जा सके। इस मौके पर पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य सहित भारी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण समाहरणालय परिसर में उपस्थित रहे।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट