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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोक शिकायत निवारण की सुनवाई, लापरवाह अधिकारी पर लगा अर्थदंड

Bihar News : डीएम ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर द्वितीय अपील मामलों की गहन सुनवाई की। इस सुनवाई के दौरान नगर पंचायत पिपरा के कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति को जिलाधिकारी सावन कुमार ने बेहद गंभीरता से लिया...

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोक शिकायत निवारण की सुनवाई, लाप
डीएम की अध्यक्षता में लोक शिकायत निवारण की सुनवाई- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul :  जिलाधिकारी सावन कुमार ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय वेश्म में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दायर द्वितीय अपील मामलों की गहन सुनवाई की। इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान कुल 13 मामलों को पटल पर रखा गया, जिनमें से त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 मामलों का मौके पर ही निष्पादन (समाधान) कर दिया गया। वहीं, शेष बचे 8 मामलों की विस्तृत समीक्षा और अगली सुनवाई के लिए आगामी 2 जून 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।


अंचलाधिकारी और कार्यपालक अधिकारियों से ली गई प्रगति रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान लोक शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। इसमें अंचल अधिकारी (सीओ) सुपौल तथा नगर परिषद सुपौल के कार्यपालक पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित हुए, जबकि अंचल अधिकारी निर्मली और राघोपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जुड़े। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट तलब की और भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, राजस्व तथा शहरी क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी जन-समस्याओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


अनुपस्थित रहने पर पिपरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पर एक हजार का जुर्माना

इस सुनवाई के दौरान नगर पंचायत पिपरा के कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति को जिलाधिकारी सावन कुमार ने बेहद गंभीरता से लिया। उक्त अधिकारी न तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और न ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े, जिसके कारण उनसे संबंधित मामले की सुनवाई टल गई और फरियादी को परेशानी झेलनी पड़ी। इसे घोर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने कार्यपालक पदाधिकारी पर 1,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित कर दिया। साथ ही उन्हें 2 जून 2026 को खुद उपस्थित होकर रिपोर्ट सौंपने का कड़ा आदेश दिया।


लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध निष्पादन के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं और लोक सेवाओं से जुड़ी जन-शिकायतों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों में जांच या प्रतिवेदन लंबित है, उन्हें अगली तिथि से पहले अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ताओं को अपने जायज काम के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।


पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ रहा जनता का भरोसा, अनुपस्थिति पर होगी और कड़ी कार्रवाई

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सुनवाई में आए कई नागरिकों ने विभागीय उदासीनता की शिकायत भी दर्ज कराई, जिस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की मूल मंशा आम जनता को त्वरित न्याय देना है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो मामले विभागीय स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें बिना देरी के निष्पादित करें। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में लोक शिकायत की बैठकों से गायब रहने वाले अफसरों के खिलाफ और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट