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सुपौल में बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित: 125 से अधिक स्कूलों के शिक्षक हुए शामिल

सुपौल में बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोज
सुपौल में बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) बिहार, बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा साइंस फॉर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) में बिहार बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह दिशा-निर्देशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यशाला का मुख्य विषय "निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार" रखा गया है।


डीएम सावन कुमार और अतिथियों ने किया दीप प्रज्ज्वलित

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आलोक शेखर आनंद, अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.एन. मिश्रा, जिला समन्वयक राजीव कुमार तथा शिक्षाविद् डॉ. निखिल कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।


स्थानीय समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजें बच्चे: DM सावन कुमार

मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सावन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों के भीतर शोध की भावना और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का एक बेहतरीन माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनका नवाचारी व वैज्ञानिक समाधान ढूंढने के लिए प्रेरित करें। प्राचार्य डॉ. ए.एन. मिश्रा ने पुस्तक से इतर गतिविधि और प्रयोग आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया।


5 प्रमुख उप-विषयों पर विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी प्रशिक्षण

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के पांच प्रमुख उप-विषयों पर विस्तृत जानकारी दी:

  • जल संरक्षण एवं प्रबंधन: डॉ. विकास सिंह ने जल संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन पर प्रकाश डाला।
  • कचरा व अपशिष्ट प्रबंधन (R-5): डॉ. आशीष कुमार ने कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को समझाया।
  • ऊर्जा संरक्षण: डॉ. चंदन कुमार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा बचत पर चर्चा की।
  • भारतीय ज्ञान प्रणाली: डॉ. जय कुमार ने इसके वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को रेखांकित किया।
  • भोजन, कृषि एवं स्वास्थ्य: अवधेश कुमार ने स्थानीय कृषि व खाद्य समस्याओं पर शोध की आवश्यकता बताई।


125 से अधिक विद्यालयों के शिक्षकों ने लिया हिस्सा

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समापन सत्र में जिला रिसोर्स पर्सन गीता कुमारी, अवधेश कुमार, ई. रिंकेश कुमार और दरभंगा से आए विशेषज्ञ जितेंद्र कुमार ने प्रोजेक्ट निर्माण, डेटा कलेक्शन और प्रेजेंटेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में सुपौल जिले के 125 से अधिक विद्यालयों के शिक्षकों ने भाग लिया। अंत में आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले के बाल वैज्ञानिक राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट