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नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर : 106 शिक्षकों का हुआ सम्मान, डीएम ने बताया समाज का प्रेरणास्रोत

नवाचार की रोशनी से जगमगाया डायट परिसर : 106 शिक्षकों का हुआ
106 शिक्षकों का हुआ सम्मान- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Suapaul : शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग करने वाले और बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों के सम्मान में रविवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बसहा का परिसर पूरी तरह उत्साह से सराबोर दिखा। 'द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स' (TBT) के तत्वावधान में एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में शिक्षा जगत में रचनात्मक और प्रेरणादायी कार्य करने वाले जिले के 106 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।


डीएम सावन कुमार और आला अधिकारियों ने किया दीप प्रज्ज्वलन

इस भव्य समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी (DM) सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संग्राम सिंह, डायट प्राचार्य अखलाक खां और प्रबुद्ध व्याख्याताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपों की रोशनी के साथ ही उपस्थित अतिथियों ने जिले की शिक्षा व्यवस्था में नए संकल्प, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की बात कही। मंच संचालन करते हुए प्रमंडल अध्यक्ष रामकृष्ण और जिला अध्यक्ष नरेश कुमार निराला ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से खूब वाहवाही बटोरी।


"नवाचार आधारित शिक्षा आज समय की सबसे बड़ी मांग": डीएम

समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि पूरे समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। डीएम ने कहा कि पारंपरिक ढर्रे से अलग हटकर नवाचार (इन्नोवेशन) आधारित शिक्षा देना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जो शिक्षक अपने व्यक्तिगत प्रयासों से सरकारी स्कूलों में आधुनिक बदलाव ला रहे हैं, वे समाज के असली हीरो हैं।


सीमित संसाधनों में भी शिक्षकों का समर्पण अत्यंत सराहनीय

जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह और डायट प्राचार्य अखलाक खां ने भी शिक्षकों की पीठ थपथपाई। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक कई बार सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और रचनात्मकता के साथ बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वह अद्वितीय है। शिक्षकों के इन नए-नए प्रयोगों और खेल-खेल में सिखाने की विधि से बच्चों में स्कूल के प्रति लगाव, हाजिरी और आत्मविश्वास में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है।


इन जांबाज और कर्मठ शिक्षकों को मंच से किया गया सम्मानित

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समारोह के दौरान जिले भर से चुनकर आए 106 शिक्षकों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले मुख्य शिक्षकों में रिंकी कुमारी, सरगम कुमारी, अर्चना कुमारी, गणेश कुमार, ममता कुमारी, मनोहर दास, अवधेश कुमार, डॉ. सुषमा दयाल, रीता कुमारी, किरण मेहता, किरण राउत, मनु रमण, कुमारी आनंद भारती, श्याम सुंदर कुमार, संगीता कुमारी, अलख अकेला, राजीव झा, बब्बू कुमार मंडल, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, रूबी यादव तथा सूर्यनारायण यादव समेत कई अन्य शिक्षक शामिल रहे, जिनकी उपलब्धियों को अधिकारियों ने नमन किया।


टीबीटी मंच से निखर रही बच्चों और शिक्षकों की प्रतिभा

कार्यक्रम के समापन सत्र में व्याख्याता डॉ. सुमित कुमार ने टीबीटी (TBT) मंच की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मंच शिक्षकों और बच्चों के भीतर छिपे संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को निखारने का काम करता है। कविता, भाषण, नाटक और गीतों के माध्यम से की जाने वाली गतिविधि आधारित शिक्षा ही भविष्य की मजबूत नींव है। सभागार में लगातार गूंजती तालियों के बीच इस संदेश को दोहराया गया कि शिक्षक ही समाज में इस बड़े बदलाव के असली शिल्पकार हैं।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट