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Bihar News : शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने निकाला 'विजय मार्च', नेता बोले- 'इस्तीफा महज पहला कदम, जवाबदेही और सुधार अभी बाकी'

Bihar News : कांग्रेस नेताओं ने विजय मार्च को देश के लाखों छात्रों, युवाओं और #GenZ के संघर्ष तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निरंतर प्रयासों को समर्पित किया.....पढ़िए आगे

Bihar News : शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने निक
विजय मार्च का आयोजन - फोटो : VINAY

SUPAUL : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनज़र आज सुपौल जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा  राज नारायण गुप्ता पूर्व  जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से चल कर आंबेडकर चौक तक विजय मार्च निकाला गया। विजय जुलूस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जन एवं छात्र सम्मिलित हुए। यह विजय मार्च देश के लाखों छात्रों, युवाओं एवं #GenZ के संघर्ष को समर्पित रहा। साथ ही यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दृढ़, निरंतर और संघर्षशील प्रयासों को भी समर्पित किया गया, जिन्होंने पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। कांग्रेस ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा महज एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज की पहली बड़ी जीत है। यह उस संघर्ष का परिणाम है, जिसमें छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग को लेकर लगातार अपनी आवाज बुलंद की।

देश के विद्यार्थियों, युवाओं और #GenZ को बधाई

 कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह सुपौल जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सत्ता की जवाबदेही तय करने की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि जिस मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वतः इस्तीफा दे देना चाहिए था, उसे बचाने के लिए सरकार ने लंबे समय तक अपनी पूरी ताकत लगा दी। लेकिन देश के छात्रों और #GenZ ने इस अहंकार को चुनौती देकर अपनी ताकत का एहसास करा दिया। अनुपम  ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का हिसाब अभी बाकी है। छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के संबंध में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं से हताश होकर जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की घोषणा भी अभी तक नहीं हुई है।

मंत्री बदलने से नहीं बदलेगी परीक्षा व्यवस्था

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि केवल  धर्मेंद्र प्रधान के पद से हटने भर से पेपर लीक की समस्या समाप्त नहीं होगी। परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का विश्वास फिर से कायम करने के लिए व्यापक एवं ठोस नीतिगत बदलाव जरूरी हैं। कहा की पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों और पूरे नेटवर्क की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। 20 जुलाई को छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। छात्रों एवं अभिभावकों के साथ हुई कार्रवाई के लिए सार्वजनिक माफी मांगी जाए। पेपर लीक एवं परीक्षा व्यवस्था की विफलताओं से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं सहायता दी जाए। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें किसी भी मेहनती विद्यार्थी के भविष्य के साथ दोबारा खिलवाड़ न हो।

संघर्ष का मकसद

कांग्रेस ने कहा कि छात्रों का संघर्ष केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे के लिए नहीं था। असली लक्ष्य ऐसी शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था का निर्माण है, जिसमें मेहनत करने वाले हर विद्यार्थी को न्याय मिले, परीक्षाएं निष्पक्ष हों और युवाओं को अपने भविष्य पर भरोसा हो।  विजय मशाल मार्च इस पहली जीत का उत्सव है, लेकिन संघर्ष का अंत नहीं।कांग्रेस और युवा शक्ति का संकल्प है कि ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव और एग्जाम सिस्टम में विश्वास बहाल होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कहा की इस्तीफा पहला कदम है, जवाबदेही अभी बाकी है। पेपर लीक का हिसाब चाहिए। छात्रों को न्याय चाहिए।युवाओं के भविष्य की गारंटी चाहिए।” विजय जुलूस में वरिष्ट नेता नरेश मिश्रा, संजीव सिंह, प्रखंड अध्यक्ष अमित झा, प्रभात सिंह, ललित कामत, प्रेमनाथ झा, तनवीर आलम, अफरोज, सुरेंद्र पांडे, सुशील सिंह, रंजीत जी, सुरेश चौपाल, उस्मान आजाद, रघुनाथ मुखिया, अभय तिवारी, भुवनेश्वर मंडल, बदरुद्दीन इत्यादि शामिल हुए।

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विनय मिश्र की रिपोर्ट