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सुपौल में निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज को AICTE से मिली मंजूरी, पहली बार होगी AI और EV टेक्नोलॉजी की पढ़ाई

Bihar Education : कोसी क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सिसौनी रोड स्थित राधेश्याम इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन को AICTE, नई दिल्ली से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आधिकारिक मंजूरी मिल गई है...

सुपौल में निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज को AICTE से मिली मंजूरी, पह
राधेश्याम इंस्टीट्यूट ऑफ Higher Education सुपौल को AICTE से मान्यता- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राधेश्याम इंस्टीट्यूट ऑफ Higher Education, सिसौनी रोड, सुपौल को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE), नई दिल्ली भारत सरकार से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आधिकारिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस बड़ी मंजूरी के साथ ही सुपौल जिला अब आधुनिक तकनीकी शिक्षा के एक नए और बड़े केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर हो गया है। AICTE द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, संस्थान को रोजगारोन्मुखी विभिन्न तकनीकी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (पॉलिटेक्निक) के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है।


छह आधुनिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की कुल 360 सीटों पर होगा नामांकन

संस्थान में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही छात्रों के लिए आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके तहत कुल 360 सीटों पर दाखिला होगा। इसमें सिविल इंजीनियरिंग में 120 सीटें, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 60 सीटें, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 60 सीटें और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 60 सीटें तय की गई हैं। इसके अलावा, जिले में पहली बार भविष्य की मांग को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में 30 सीटें और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) टेक्नोलॉजी में 30 सीटों की विशेष मंजूरी दी गई है। नामांकन से पहले राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड (SBTE), बिहार पटना द्वारा विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।


स्थानीय स्तर पर पढ़ाई होने से कोसी क्षेत्र के छात्रों का बचेगा समय और पैसा

अब तक कोसी क्षेत्र के हजारों मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर या अन्य राज्यों के बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ साबित होता था। लेकिन अब सुपौल में ही इन आधुनिक और उच्च स्तरीय विषयों की पढ़ाई उपलब्ध होने से स्थानीय छात्रों का समय और भारी खर्च दोनों बचेंगे। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने इसे पूरे कोसी क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने और रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।


बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलेगी 4 लाख तक की आर्थिक सहायता

संस्थान में पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों में नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सबसे राहत भरी खबर यह है कि उन्हें अब पढ़ाई के लिए आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के तहत छात्रों को 04 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण पृष्ठभूमि और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी बिना किसी चिंता के तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। संस्थान के चेयरमैन डॉ. राधेश्याम यादव ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाले प्रतिभाशाली छात्रों के लिए यह योजना एक वरदान साबित होगी।


भविष्य में सुपौल में ही शुरू होगी मेडिकल और लॉ की पढ़ाई: डॉ. राधेश्याम यादव

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पॉलिटेक्निक कॉलेज के संस्थापक डॉ. राधेश्याम यादव ने इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र के छात्रों और अभिभावकों का सपना साकार होने जैसा है। हमारा मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने अपने दूरदर्शी विजन को साझा करते हुए यह भी घोषणा की कि उनका सपना सुपौल को एक संपूर्ण एजुकेशन हब बनाना है, जिसके तहत इस संस्थान में बहुत जल्द मेडिकल और लॉ (कानून) की पढ़ाई भी शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट