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Bihar Crime - बच्चों के झगड़े ने लिया हिंसक रूप, सगे भाई और भतीजों ने की दंपती की बेरहमी से पिटाई

Bihar Crime - बच्चों के झगड़े के कारण परिवार के लोग ही एक दूसरे के दुश्मन हो गए। नतीजा यह हुए सगे भाई ने अपने बच्चों संग भाई और उसकी पत्नी की पिटाई कर दी।

Bihar Crime - बच्चों के झगड़े ने लिया हिंसक रूप, सगे भाई और
सिवान में दंपती को पीटकर किया घायल- फोटो : ताबिश इरशाद

Siwan - जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी सुल्तान गांव में एक बेहद शर्मनाक और दर्दनाक घटना सामने आई है। बच्चों के आपसी झगड़े ने ऐसा रूप ले लिया कि परिवार ही परिवार का दुश्मन बन बैठा। नतीजा यह हुआ कि एक ही घर में रहने वाले सगे भाई ने अपने बेटों के साथ मिलकर अपने ही भाई और भाभी की जानलेवा पिटाई कर दी।

पीड़ित नजीर हुसैन और उनकी पत्नी समीमा खातून इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों के हाथ टूट गए हैं और शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बड़हरिया पीएससी से रेफर कर सदर अस्पताल, सीवान में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

क्या है पूरा मामला?

नजीर हुसैन ने बताया कि “मेरा कोई बेटा नहीं है, सिर्फ चार बेटियाँ हैं। हम सब एक ही घर में एक ही अंगना (आँगन) साझा करते हैं। मैंने अपने अंगना में चारपाई लगाई थी। इसी बात को लेकर मेरे भसूर (बड़े भाई) मुझे और मेरी पत्नी को अनाप-शनाप कहने लगे और देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने हमला कर दिया।”

नजीर के मुताबिक, हमलावरों में उनके भाई सबीर हुसैन, भतीजा खालिद उर्फ हीरो और कुमकुम खातून शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त वे थककर आराम कर रहे थे, तभी अचानक लाठी और तलवार लेकर हमला कर दिया गया। “अगर हमारी किस्मत ने साथ नहीं दिया होता तो आज हम दोनों जिंदा नहीं होते,” नजीर ने कहा।

पीड़ित की पुकार

नजीर हुसैन ने बताया कि वह पेशे से मुर्गा बेचने का काम करते हैं और नतिया कलाम वगैरह भी लिखते हैं। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पीड़ित परिवार द्वारा बड़हरिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई जा रही है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

एक मामूली बच्चों के झगड़े ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया है। यह घटना समाज के उस सच को उजागर करती है, जहां आपसी विवाद और सहनशीलता की कमी खून के रिश्तों को भी हिंसा में बदल देती है। अब देखना होगा कि पीड़ितों को न्याय कब तक मिलता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट