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Sitamarhi Police: गांजा मामले में जेल जा चुका व्यक्ति चला रहा था नगर थाना की सरकारी गाड़ी, पुलिस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Sitamarhi Police: सीतामढ़ी नगर थाना की सरकारी गाड़ी एक ऐसे व्यक्ति द्वारा चलाई गई जो गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। इस घटना ने पुलिस व्यवस्था, आंतरिक जांच और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Sitamarhi Police
सरकारी गाड़ी को लेकर पुलिस पर उठे सवाल- फोटो : news4nation

Sitamarhi Police:  कानून की रखवाली करने वाली पुलिस व्यवस्था उस समय कठघरे में आ गई, जब नगर थाना की सरकारी गाड़ी एक ऐसे व्यक्ति द्वारा चलाई जाती पाई गई, जो स्वयं स्वीकार कर चुका है कि वह गांजा तस्करी के एक मामले में जेल जा चुका है। मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली, आंतरिक जांच और जवाबदेही प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के बरियारपुर निवासी नागमणि कुमार नगर थाना की सरकारी गाड़ी चलाते दिखे। 

पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में सुरसंड थाना में दर्ज गांजा मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि उस मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया था और वर्तमान में वे जमानत पर बाहर हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति का नाम कभी गांजा तस्करी जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा रहा हो, उसे थाना की सरकारी गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी आखिर किस आधार पर दी गई? क्या यह पुलिस प्रशासन की मजबूरी है, भारी लापरवाही है या फिर किसी प्रकार की मिलीभगत?

पुलिस महकमे की जिम्मेदारी

पुलिस महकमे की जिम्मेदारी होती है कि वह न केवल अपराधियों पर नजर रखे, बल्कि अपने तंत्र के भीतर भी पूरी पारदर्शिता और सतर्कता बनाए रखे। ऐसे में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपना आम जनता में गलत संदेश देता है और पुलिस की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।

किसी बड़ी चूक का कारण बन सकता

स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना स्तर पर काम करने वाले चालकों और अन्य कर्मियों की पृष्ठभूमि की नियमित जांच आवश्यक है। इस मामले में अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो यह भविष्य में किसी बड़ी चूक का कारण बन सकता है। उक्त मामले में तिरहुत रेंज के आईजी चंदन कुशवाहा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की आप लोगों के माध्यम से जानकारी हुई है। मामला क्या है इसकी जांच कराईं जाएगी। वहीं दोषी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई निश्चित है।

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सीतामढ़ी से अविनाश कुमार की रिपोर्ट