LATEST NEWS

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तपिश, जानें कब बदलेगा मिजाज

  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर सेवा से ईको-टूरिज्म को लगेंगे पंख
  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर

  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा
  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा

  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से उठाया, इस मामले में हुई गिरफ़्तारी
  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से

  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद मोहन, कहा राजपूत समाज का हो रहा क्रमबद्ध कत्लेआम
  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद

Bihar Flood: सोन के उफान में डूबा रोहतास, नाविक लोगों का कर रहे रेस्क्यू, प्रशासन कर रहा है बैठक

Bihar Flood: लगातार हो रही बारिश और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने रोहतास जिले में बाढ़ का संकट गहरा दिया है। ..

Son River Floods
सोन के उफान में डूबा रोहतास- फोटो : reporter

Bihar Flood: लगातार हो रही बारिश और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने रोहतास जिले में बाढ़ का संकट गहरा दिया है। तिलौथू प्रखंड कार्यालय से सटे सरैयां गांव में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। करीब 50 घर बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 30 से अधिक मकान पानी में डूबे बताए जा रहे हैं। हालात इतने भयावह हो गए कि कई परिवारों को रातभर अपने घरों में फंसे रहना पड़ा।बुधवार सुबह जब पानी लगातार बढ़ता गया तो उप प्रमुख जोखन पासवान और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नाव की व्यवस्था की। इसके बाद करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। कई परिवार अपने पालतू पशुओं को भी साथ लेकर घर छोड़ने को मजबूर हुए।अचानक घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है। एक तरफ जान बचाने की जद्दोजहद है तो दूसरी तरफ घर में रखे अनाज, कपड़े, जरूरी कागजात और दूसरे सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती।

 सोन के उफान ने बिगाड़े हालात

ग्रामीणों के मुताबिक, तुतला भवानी धाम की तरफ से आने वाले पानी और सोन नदी के उफान के कारण सरैयां समेत आसपास के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सरैयां में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। पानी घरों के भीतर दाखिल होने के बाद कई परिवार अपना सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर निकल गए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी के साथ जहरीले सांप और दूसरे जीव-जंतुओं के घरों में घुसने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग खास तौर पर दहशत में हैं।

माइकिंग हुई, मगर राहत कब आएगी?

बाढ़ की विकराल होती स्थिति के बीच ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बावजूद देर शाम तक कोई बड़ा अधिकारी प्रभावित इलाके में पहुंचकर हालात का जायजा लेने नहीं आया।ग्रामीणों के अनुसार, सीओ, एसडीएम समेत कई अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। प्रशासन की तरफ से फिलहाल माइकिंग कर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।ग्रामीणों का सवाल है कि सिर्फ चेतावनी देने से बाढ़ से जूझ रहे परिवारों की मुश्किलें कैसे दूर होंगी? प्रभावित लोगों को तत्काल नाव, राहत सामग्री, पीने का पानी और सुरक्षित आश्रय की जरूरत है।सरैयां से सटे फारूकगंज, शिवाला, मदारीपुर और तिलौथू पूर्वी समेत कई गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है। खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसानों के सामने फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट का खतरा मंडराने लगा है।पानी बढ़ने की आशंका के बीच सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे ग्रामीण भी चैन से नहीं हैं। उन्हें डर है कि अगर सोन नदी का जलस्तर और बढ़ा तो हालात और भयावह हो सकते हैं।

चार महीने पहले तोड़ा गया पुल, अब बढ़ी मुसीबत

बाढ़ के बीच सरैयां और तिलौथू के बीच आवागमन की समस्या ने संकट को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, पुल निर्माण के लिए करीब चार महीने पहले पुराने पुल को तोड़ दिया गया था। इसके चलते दोनों गांवों के बीच सीधा संपर्क पहले से बाधित है।बताया जा रहा है कि करीब एक हजार लोगों को तिलौथू बाजार जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। अब मुख्य सड़क के दोनों तरफ पानी भर जाने से आवागमन और मुश्किल हो गया है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं समेत जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन गया है।

NSIT
Nsmch

ग्रामीणों ने बताया कि 2015 में भी बाढ़ ने सरैयां के रिहायशी इलाकों के साथ कोडर और मदारीपुर गांव को प्रभावित किया था। इस बार फिर पानी घरों तक पहुंचने से लोगों में खौफ है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव, राहत सामग्री, पेयजल और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करने की मांग की है।इधर, बीडीओ अंकित जैन ने बताया कि वह फिलहाल बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर से जो भी संभव होगा, किया जाएगा।फिलहाल सरैयां गांव में बाढ़ का संकट बरकरार है। करीब 100 लोगों का स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू किए जाने के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकारी राहत बाढ़ का पानी और बढ़ने से पहले पीड़ितों तक पहुंच पाएगी, या फिर लोग अपने हाल पर ही छोड़ दिए जाएंगे?

रिपोर्ट- रंजन सिंह राजपूत