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कागज आगे बढ़ाने के लिए मांगी 'कीमत': CBI के जाल में फंसा घूसखोर पोस्टमैन, अब डाक अधीक्षक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

सीबीआई (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सासाराम हेड पोस्ट ऑफिस के पोस्टमैन श्रीलाल को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह घूस एक ग्रामीण डाक सेवक की ट्रांसफर फाइल दिल्ली भेजने के नाम पर मांगी

कागज आगे बढ़ाने के लिए मांगी 'कीमत': CBI के जाल में फंसा घूसख

Sasaram - बिहार के सासाराम में सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हेड पोस्ट ऑफिस के एक पोस्टमैन को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में डाक अधीक्षक की संलिप्तता भी सामने आई है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

30 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तारी

केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने सासाराम हेड पोस्ट ऑफिस में तैनात पोस्टमैन श्रीलाल को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया। श्रीलाल, ग्रामीण डाक सेवक बिट्टू कुमार करवार से उनकी ट्रांसफर फाइल दिल्ली भेजने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था। गिरफ्तारी के बाद पोस्ट ऑफिस परिसर में हड़कंप मच गया।

डाक अधीक्षक के इशारे पर ली गई रिश्वत

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार पोस्टमैन श्रीलाल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने सीबीआई को बताया कि वह यह रकम अपने वरिष्ठ अधिकारी, डाक अधीक्षक मारुति नंदन के कहने पर ले रहा था। इस बयान के बाद सीबीआई ने डाक अधीक्षक को भी मुख्य आरोपी के तौर पर जांच के घेरे में ले लिया है।

क्या है पूरा मामला? (पीड़ित की शिकायत)

पीड़ित ग्रामीण डाक सेवक बिट्टू कुमार रोहतास प्रमंडल में कार्यरत थे। पदोन्नति के बाद 29 नवंबर 2025 को उन्हें भभुआ सब-डिवीजन से विरमित (Relieve) किया गया था, लेकिन कागजी कार्यवाही में देरी के कारण उन्हें विरमण की प्रति 30 दिसंबर 2025 को मिली।

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जब बिट्टू कुमार 31 दिसंबर को अपना योगदान देने दिल्ली पहुंचे, तो वहां पता चला कि उनकी फाइल अब तक रोहतास डिवीजन से भेजी ही नहीं गई है। अधिकारियों ने उन्हें वापस भेज दिया, जिसके बाद वे अपनी फाइल आगे बढ़वाने के लिए लगातार कार्यालय के चक्कर काट रहे थे।

50 हजार से 30 हजार पर तय हुआ सौदा

बिट्टू कुमार के अनुसार, 12 जनवरी को डाक अधीक्षक मारुति नंदन के ड्राइवर (पोस्टमैन) श्रीलाल ने उन्हें बुलाया और फाइल भेजने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद सौदा 30 हजार रुपये में तय हुआ। परेशान होकर बिट्टू कुमार ने इसकी सूचना सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई को दे दी।

कार्रवाई और छापेमारी जारी

सीबीआई ने आरोपी श्रीलाल को गिरफ्तार करने के बाद उसके आवास पर छापेमारी शुरू कर दी है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए डाक अधीक्षक मारुति नंदन अपने आवास से फरार हैं। सीबीआई की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और मामले के अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।