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रोहतास में भाई-भाभी और पत्नी संग मिलकर बनाई फर्जी वेबसाइट, 2 करोड़ की ठगी कर भागा सरगना,गिरफ़्तार

रोहतास जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने फर्जी वेबसाइट और लुभावने वादों के जरिए लोगों से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। इस गिरोह का जाल न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था।

रोहतास में भाई-भाभी और पत्नी संग मिलकर बनाई फर्जी वेबसाइट, 2
रोहतास में भाई-भाभी और पत्नी संग मिलकर बनाई फर्जी वेबसाइट, 2 करोड़ की ठगी- फोटो : news 4 nation

बिहार के रोहतास जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने फर्जी वेबसाइट और लुभावने वादों के जरिए लोगों से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। इस गिरोह का जाल न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना रौशन कुमार कश्यप को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है।

'फैमिली सिंडिकेट': भाई-भाभी और पत्नी भी शामिल

इस ठगी की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी ने अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर इस आपराधिक साम्राज्य को खड़ा किया था। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट में रौशन की पत्नी अमृता कश्यप, भाई राकेश और राजू कश्यप, और उसकी भाभी खुशबू कश्यप भी सक्रिय रूप से शामिल थीं। इनके अलावा दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ सहयोगी भी इस गिरोह के लिए काम कर रहे थे, जो तकनीकी और नेटवर्किंग के कार्यों को संभालते थे।

10% मुनाफे का लालच और फर्जी वेबसाइट का जाल

ठगी करने के लिए आरोपियों ने 'myadapool.net' और 'TCL ADA' नाम से फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना रखे थे। गिरोह के सदस्य लोगों को नेटवर्किंग कंपनी के नाम पर हर महीने 10 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देते थे। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी बड़े-बड़े सेमिनार आयोजित करते थे और वादा करते थे कि यदि पैसा वापस नहीं मिला, तो वे अपनी जमीन या पूरी पूंजी लौटा देंगे। हालांकि, जब निवेशकों ने अपना मुनाफा और मूलधन मांगना शुरू किया, तो आरोपी धमकी देने लगे और फरार हो गए।

सासाराम से हरियाणा तक फैला नेटवर्क: तकनीकी जांच से हुआ खुलासा

सासाराम और आसपास के दर्जनों लोगों ने जब ठगी की शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया। ठगी का शिकार होने वालों में रोशन कुमार गुप्ता, सत्येंद्र सिंह और नीरज गुप्ता समेत कई स्थानीय लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया, जिससे मुख्य आरोपी की लोकेशन हरियाणा में मिली। पुलिस ने उसे उसके ठिकाने से दबोच लिया, जिससे इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ।

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पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश

फिलहाल, मुख्य आरोपी रौशन कुमार कश्यप से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि ठगी की रकम की रिकवरी की जा सके। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस मामले ने एक बार फिर लोगों को अधिक मुनाफे वाले ऑनलाइन निवेश के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। रोहतास पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय अन्य छोटे साइबर अपराधियों पर भी लगाम लगेगी।