LATEST NEWS

  • Mahanavami 2026 : महानवमी पर पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पूजा पंडालों में मां दुर्गा के किए दर्शन, देश- प्रदेश में की सुख-समृद्धि की कामना
  • Mahanavami 2026 : महानवमी पर पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पूजा पंडालों में मां दुर्गा के किए दर्शन,

  • Bihar News : मुंगेर गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ CRPF जवान अमर का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम
  • Bihar News : मुंगेर गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ CRPF जवान अमर का अंतिम संस्कार,

  • Neha Singh Rathaur : राष्ट्रीय महिला आयोग ने नेहा सिंह राठौर विवाद पर लिया संज्ञान, चैनल से मांगी 15 दिनों में एक्शन-टेकन रिपोर्ट
  • Neha Singh Rathaur : राष्ट्रीय महिला आयोग ने नेहा सिंह राठौर विवाद पर लिया संज्ञान, चैनल से मांगी

  • Bihar News : छपरा में 20 हजार किताबों से सजा अनोखा पूजा पंडाल, आयोजकों ने मोबाइल की लत छोड़ किताबों से जुड़ने का दिया संदेश
  • Bihar News : छपरा में 20 हजार किताबों से सजा अनोखा पूजा पंडाल, आयोजकों ने मोबाइल की लत

  • Bihar MLC Election : एमएलसी उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने दिया बड़ा बयान, कहा कई उम्मीदवार लूटेरा है...आप लोग भी लूटिए...
  • Bihar MLC Election : एमएलसी उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने दिया बड़ा बयान, कहा कई उम्मीदवार लूटेरा है...आप लोग

Bihar News: प्रसव के बाद मां-बच्चे की मौत से मचा कोहराम, आक्रोशित लोगों नें शव रखकर सड़क किया जाम, अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

Bihar News: रोहतास जिले के सासाराम में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई, जबकि उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया।

Mother and Newborn Die
प्रसव के बाद मां-बच्चे की मौत से मचा कोहराम- फोटो : social Media

Bihar News:सासाराम में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई, जबकि उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गम और गुस्से से उबल रहे परिजनों ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का संगीन आरोप लगाते हुए मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित परिजनों ने बेदा नया बस स्टैंड के समीप शव रखकर पुरानी जीटी रोड को जाम कर दिया। सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई।

प्रसव के बाद नवजात की मौत, मां को भी नहीं बचाया जा सका

मृतका की पहचान सासाराम सदर प्रखंड के बनरसिया गांव निवासी जोगिंदर बिंद की करीब 25 वर्षीय बेटी निर्मला देवी के रूप में हुई है। उनके पति विकास प्रजापति दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक साथ मां और नवजात की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की रात निर्मला देवी को प्रसव पीड़ा होने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें शहर के दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे, जहां प्रसव कराया गया। आरोप है कि प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद निर्मला देवी की तबीयत भी लगातार बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए बनारस लेकर जा रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते में ही निर्मला देवी ने दम तोड़ दिया। मां और बच्चे की मौत की खबर से परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

सुरक्षित प्रसव का भरोसा, फिर कैसे उजड़ गई खुशियां?

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने का भरोसा दिया गया था। इसके बावजूद नवजात की जान नहीं बच सकी और बाद में मां की भी मौत हो गई। इस घटना ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और इलाज के दौरान बरती गई सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आक्रोशित परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मौत की परिस्थितियों का खुलासा करने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मां और नवजात की मौत का वास्तविक कारण जांच तथा चिकित्सा संबंधी अभिलेखों की समीक्षा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

NSIT
Nsmch

शव रखकर पुरानी जीटी रोड जाम, सड़क पर थम गए वाहन

न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने बेदा नया बस स्टैंड के पास शव रखकर पुरानी जीटी रोड जाम कर दी। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजन अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक आक्रोश जाहिर करते रहे।

मौके पर पहुंची पुलिस, जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

हंगामे और सड़क जाम की सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। फिलहाल, मामले में अस्पताल का पक्ष और चिकित्सकीय जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। सासाराम की इस घटना ने प्रसव के दौरान मरीजों की सुरक्षा और निजी अस्पतालों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह