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बिहार में गजब की चोरी: तालाब के पानी से निकला 'गायब' रेलवे ब्रिज, RPF ने रंगे हाथ दबोचे तीन मास्टरमाइंड!

बिहार के रोहतास में आरपीएफ ने फिल्मी अंदाज में तालाब के नीचे छिपाया गया चोरी का रेलवे ब्रिज बरामद कर लिया है। इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इस चोरी की घटना ने सभी को हैरान कर दिया है।

बिहार में गजब की चोरी: तालाब के पानी से निकला 'गायब' रेलवे ब

Sasaram - बिहार के रोहतास जिले में आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे का चोरी हुआ भारी-भरकम लोहे का ब्रिज बरामद कर लिया है। करीब दो महीने पहले कर्मनाशा स्टेशन से गायब हुए इस ब्रिज की तलाश में जुटी सासाराम, भभुआ और केंद्रीय खुफिया शाखा (DDU) की टीमों को गुप्त सूचना मिली थी कि चोरी का माल नरमा गांव के पास एक तालाब में छिपाकर रखा गया है। 10 और 11 मार्च की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे जब आरोपी ब्रिज को तालाब से बाहर निकाल रहे थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। 

लाखों की संपत्ति और शातिराना साजिश

जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए लोहे के ब्रिज की कीमत 3 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। यह ब्रिज रेलवे की सीमेंट स्लीपर बदलने वाली मशीन की रेक से चोरी किया गया था। चोरों ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए इसे तालाब की गहराइयों में डाल दिया था। इस सनसनीखेज चोरी के बाद सासाराम आरपीएफ पोस्ट में मामला दर्ज किया गया था और तभी से पुलिस की खुफिया शाखा इन अपराधियों की कुंडली खंगाल रही थी। 

पुलिस की जाल में फंसे तीन आरोपी

तालाब की घेराबंदी के दौरान पकड़े गए आरोपियों की पहचान शशिकांत कुमार उर्फ खब्बी (26), छोटू पासवान (30) और उज्जवल कुमार (19) के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपी दुर्गावती थाना क्षेत्र के नरमा गांव के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा कैमूर जिले के कुदरा का निवासी है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उन्होंने करीब डेढ़-दो महीने पहले ही रेक से इस भारी-भरकम ब्रिज को उड़ाया था और सुरक्षित समय का इंतजार कर रहे थे। 

खुफिया इनपुट ने बिगाड़ा खेल

इस पूरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे आरपीएफ और खुफिया विभाग का सटीक तालमेल रहा। टीम को जैसे ही खबर मिली कि आरोपी अब ब्रिज को ठिकाने लगाने या बेचने की फिराक में हैं, वैसे ही रात के अंधेरे में छापेमारी की योजना बनाई गई। आरोपियों ने सोचा था कि पानी के नीचे छिपा सामान कभी पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया और उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 

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कानूनी कार्रवाई और बरामदगी

आरपीएफ की टीम ने लोहे के ब्रिज को जब्त कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस बरामदगी के बाद रेल संपत्ति चोरी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।