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डीएम के सामने पकड़ा गया भ्रष्ट सीओ का झूठ..., RTPS के जर्जर काउंटर को लेकर जब डीएम साहब के सामने ADM ने, Co से किया सवाल, मिला जवाब - पैसा आया लेकिन पता नहीं...

डीएम के सामने ही सरकारी फंड को लेकर सीओ झूठ बोलती नजर आई। एडीएम ने पिछले साल मिले फंड के बारे में पूछा तो कहा कि फंड मिला, लेकिन क्या हुआ पता नही...

डीएम के सामने पकड़ा गया भ्रष्ट सीओ का झूठ..., RTPS के जर्जर

Saharsa - सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी (DM)  दीपेश कुमार औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। डीएम ने प्रखंड कार्यालय स्थित आरटीपीएस (RTPS) काउंटर का जायजा लिया। वहां की बदहाल और जर्जर स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान उनके साथ एडीएम (ADM) निशांत और अंचलाधिकारी (CO) मोनी बहन भी मौजूद थीं।

डीएम के सवाल पर फंसीं अंचलाधिकारी


निरीक्षण के दौरान जब जर्जर भवन की मरम्मत को लेकर सवाल उठे, तो एडीएम निशांत ने अंचलाधिकारी मोनी बहन से पूछा कि क्या सरकार की ओर से इसके लिए फंड नहीं आया था? इस पर सीओ ने डीएम के सामने ही अजीबोगरीब जवाब दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पैसा आया था, लेकिन किसी कारणवश वापस लौट गया या उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। सीओ के इस गोलमोल और 'झूठे' जवाब को सुनकर वहां मौजूद जिलाधिकारी भी हैरान रह गए।

फंड लौटने पर डीएम ने लगाई क्लास


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अंचलाधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि जब विभाग से आवंटन आया था, तो काम क्यों नहीं कराया गया और पैसा वापस कैसे चला गया? जर्जर भवन और व्यवस्था में कमी को लेकर डीएम ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डीएम और एडीएम वित्तीय वर्ष और फंड के इस्तेमाल को लेकर सीओ से सवाल-जवाब कर रहे हैं और सीओ जवाब देने में असहज महसूस कर रही हैं।

दलालों के भरोसे चल रहा अंचल कार्यालय?

स्थानीय ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि नवहट्टा की अंचलाधिकारी मोनी बहन आम जनता की फरियाद नहीं सुनती हैं। आरोप है कि अंचल का पूरा काम दलालों के भरोसे चल रहा है। दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और अन्य राजस्व कार्यों के लिए आम जनता को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं और महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि दलालों की पैठ कार्यालय में मजबूत है।

जनता परेशान, व्यवस्था बेहाल

आरटीपीएस काउंटर जैसी महत्वपूर्ण जगह की ऐसी दुर्दशा प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलती है। जहां एक तरफ सरकार सुशासन और जन-सुविधाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी फंड होने के बावजूद काम नहीं करा रहे हैं। अब देखना होगा कि डीएम के इस औचक निरीक्षण और फटकार के बाद नवहट्टा अंचल कार्यालय की व्यवस्था और अंचलाधिकारी के रवैये में कोई सुधार आता है या जनता यूं ही परेशान होती रहेगी।

Report - दीवाकर कुमार दिनकर