LATEST NEWS

  • Anant Singh
  • Bihar Politics: 62 मुकदमों के रिकॉर्ड वाले बाहुबली अनंत सिंह फिर जाएंगे जेल या बरकरार रहेगी जमानत?

  • President Colour Award
  • Bihar Police:बिहार पुलिस को मिलेगा देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान, राष्ट्रपति कलर अवार्ड से होंगे सम्मानित

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

  • Bihar TRE-4
  • BPSC TRE-4 ने तोड़े भर्ती के सारे रिकॉर्ड, आवेदन के आंकड़े पढ़ कर चौक जाएंगे आप

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

वंदे भारत नहीं, 160 किमी की स्पीड से दौड़ी यह ट्रेन, 4 घंटे से भी कम समय में पूरी की डीडीयू-धनबाद यात्रा

वंदे भारत नहीं, 160 किमी की स्पीड से दौड़ी यह ट्रेन, 4 घंटे

Patna - भारतीय रेलवे द्वारा शुक्रवार को ट्रेनों की गति बढ़ाने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। आज पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू–गया–प्रधानखांटा (धनबाद) रेलखंड पर शुक्रवार को हाई स्पीड ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया। इस दौरान मॉडर्न एलएचबी रेक से युक्त स्पेशल ट्रायल ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। ट्रेन ने डीडीयू से धनबाद का सफर चार घंटे से भी कम समय में पूरा किया है। 

ट्रायल ट्रेन सुबह 11 बजे दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से रवाना हुई और सासाराम स्टेशन से 11:36 बजे गुजरती नजर आई। विशेष निगरानी के तहत इस दौरान सासाराम रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। खुद ट्रायल ट्रेन में डीडीयू मंडल के महाप्रबंधक सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने यात्रा के दौरान हर स्टेशन और ट्रैक की स्थिति पर नजर रखी। रेलवे ने इस पूरे परीक्षण को अत्यंत गंभीरता और सटीकता के साथ अंजाम दिया। रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा और यह भविष्य की गति परियोजनाओं के लिए एक अहम संकेत है।

रेल प्रशासन की योजना के अनुसार, अब इस विशेष ट्रेन का अप लाइन में भी परीक्षण किया जाएगा। ट्रेन धनबाद से गया होते हुए मुगलसराय तक चलेगी, ताकि दोनों दिशाओं में ट्रैक की गति क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।

वंदे भारत के साथ दूसरी ट्रेनों की बढ़ेगी स्पीड

दरअसल,भारतीय रेलवे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। वंदे भारत ट्रेन इसका उदाहरण है। अब वंदे भारत की तरह दूसरे ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए पटरियों में जरुरी सुधार करने के साथ उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बाउंड्री का भी निर्माण कराया गया है। 

NSIT
Nsmch

रेलवे की यह पहल पूर्व मध्य रेल के प्रमुख मार्गों की गति सीमा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि भविष्य में तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।