LATEST NEWS

  • Naubatpur Traffic
  • Naubatpur Traffic: पटना के नौबतपुर में ट्रैफिक जाम पर उठे सवाल, CCTV फुटेज जांचने की मांग

  • Gaya Police News
  • Gaya Police News: गया में गांधी नगर जमीन विवाद में एसएसपी की बड़ी कार्रवाई, ADG की खबरों

  •  credit card
  • credit card: दिवाली पर HDFC, SBI, ICICI और Axis बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर छूट,

  • Kylie jenner
  • Kylie jenner: 4410 हीरे और 1,000 घंटे की मेहनत, जानें काइली जेनर की फैंटेसी ब्रा की खासियत

  • IT companies hiring
  • IT companies hiring: IT सेक्टर में लौटी भर्ती की रफ्तार, 5 बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी

Bihar business - राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन के लिए नोटिफिकेशन जारी, जारी की इतनी सौ करोड़ की राशि, बिहार के किसानों को होगा फायदा

Bihar business - राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के गठन के लिए नोटिफिक

Purnia - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के पूर्णिया में एक जनसभा के दौरान मखाना किसानों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मखाना बोर्ड के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गया है, जिसके तहत किसानों को बेहतर कीमत और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने के लिए काम किया जाएगा। इस बोर्ड के गठन के लिए ₹475 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई है।

घोषणा की पृष्ठभूमि


मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को केंद्रीय बजट में की थी। उस समय, यह घोषणा मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई थी। इस कदम को खासकर बिहार के किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा माना गया था, क्योंकि देश का लगभग 90% मखाना उत्पादन बिहार में ही होता है। आज, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्णिया में इस बोर्ड के नोटिफिकेशन जारी होने की घोषणा करके इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

किसानों को होने वाले लाभ

मखाना बोर्ड के गठन से बिहार के मखाना किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है:

  • उचित मूल्य: यह बोर्ड मखाना किसानों को एक संगठित मंच प्रदान करेगा, जिससे उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।

  • NSIT
    Nsmch

    तकनीकी सहायता: किसानों को मखाना की खेती में नई और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा।

  • ब्रांडिंग और मार्केटिंग: यह बोर्ड मखाना के लिए नए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार ढूंढेगा और "बिहार के मखाना" की ब्रांडिंग करेगा। इससे निर्यात में वृद्धि होगी और किसानों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी।

  • रोज़गार के अवसर: मखाना उद्योग के संगठित होने से प्रसंस्करण इकाइयों और मूल्य संवर्धन गतिविधियों में वृद्धि होगी, जिससे युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।

  • वित्तीय सहायता: यह बोर्ड किसानों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ दिलाने में मदद करेगा, जिससे उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे।

पूर्णिया में प्रधानमंत्री की इस घोषणा से बिहार के मखाना उत्पादक क्षेत्रों जैसे मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के किसानों में खुशी की लहर है। यह बोर्ड बिहार को "मखाना हब ऑफ़ इंडिया" बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।