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sant ravidas jayanti - महावीर मन्दिर में संत रविदास जयंती समारोह में शामिल हुए एसीएस एस. सिद्धार्थ, कहा - शिक्षा के माध्यम से खत्म होगा जात-पात

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sant ravidas jayanti - महावीर मन्दिर में संत रविदास जयंती सम

PATNA - महावीर मन्दिर में परंपरा के अनुसार माघ पूर्णिमा को संत रविदास के जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से जात-पात को खत्म किया जा सकता है। 

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का भी दायित्व संभाल रहे डा. सिद्धार्थ ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास के विचारों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महावीर मन्दिर के जरिए मानव सेवा और परोपकार के बड़े कार्य करनेवाले आचार्य किशोर कुणाल को याद करते हुए डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि उनकी कमी चल रही है। 

वहीं महावीर मन्दिर प्रांगण में आयोजित संत रविदास जयंती समारोह को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि संत रविदास ने जात-पात की प्रथा को तोड़कर समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जन्म की बजाय कर्म आधारित व्यवस्था पर जोर दिया। 

महावीर मन्दिर न्यास के सदस्य  जस्टिस संजय कुमार ने कहा कि संत रविदास के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महावीर मन्दिर न्यास के कोषाध्यक्ष जस्टिस राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि संत रविदास ने समाज में एकत्व की बात की थी। उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा। 

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पूर्व आईएएस अधिकारी और महावीर मन्दिर से जुड़े जियालाल आर्या ने कहा कि रविदास संतों के संत थे। बनारस से उनका खासा लगाव रहा। इस अवसर पर महावीर कैंसर संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एल बी सिंह ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल की अनुपस्थिति में महावीर मन्दिर में पहली बार संत रविदास जयंती मनायी जा रही है। 

आचार्य किशोर कुणाल ने संत रविदास के विचारों पर चलकर दिखाया। जात-पात के बंधन को तोड़कर मानव सेवा के बड़े कार्य किए। महावीर कैंसर संस्थान समेत 9 चैरिटेबल अस्पतालों की स्थापना कर जन सेवा का बहुत बड़ा काम किया। 

इस अवसर पर आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायण कुणाल ने कहा कि वे अपने पिता के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। उन्होंने सभी अतिथियों को कार्यक्रम में आने के लिए आभार व्यक्त किया। महावीर मन्दिर की पत्रिका धर्मायण के संपादक पंडित भवनाथ झा ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में पूर्व विधि सचिव और महावीर मन्दिर न्यास के सदस्य वासुदेव राम, महावीर मन्दिर के अधिवक्ता कुमार शानू, शुभम् पराशर आदि भी उपस्थित रहे। 

संत रविदास जयंती समारोह की शुरुआत में सभी आगंतुक अतिथियों ने महावीर मन्दिर प्रांगण में स्थापित संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। संत रविदास जयंती के अवसर पर वर्षों से झांकी के साथ महावीर मन्दिर आने वाले डोमन दास के पुत्र अमन कुमार इस बार अपने पिता की परंपरा का पालन करते हुए झांकी लेकर महावीर मन्दिर आए।