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Prashant Kishor : प्रशांत किशोर को गांधी मैदान के बाद यहां भी नहीं मिली अनशन की अनुमति, पुलिस उठा ले गई पंडाल

13 दिसम्बर को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर सिविल सेवा उम्मीदवारों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए प्रशांत किशोर ने अनशन कर रखा है.

prashant Kishor
prashant Kishor - फोटो : news4nation

Prashant Kishor : जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को निजी जमीन पर भी अनशन करने की अनुमति पटना जिला प्रशासन ने नहीं दी है. जनसुराज ने रविवार को कहा कि आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को बिहार सरकार और प्रशासन ने कैंप बनाने से रोका है. BPSC छात्रों के समर्थन में पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन कर रहे प्रशांत किशोर को प्रशासन निजी जमीन पर भी कैंप / टेंट लगाने नहीं दे रही है. 

12 जनवरी 2025 को पटना में मरीन ड्राइव पर LCT कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट के बगल में एक निजी जमीन पर जन सुराज का कैंप लग रहा था, जिसे प्रशासन ने रोक दिया है. जनसुराज का कहना है कि जिला प्रशासन ने निजी जमीन पर भी कैंप नहीं लगाने दिया है. मौके पर पाटलिपुत्र थाने की पुलिस पहुंची और टेंट-पंडाल के काम को बंद करवाया गया है. 

प्रशांत किशोर ने पिछले महीने 13 दिसम्बर को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर सिविल सेवा उम्मीदवारों द्वारा चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है. उन्होंने 2 जनवरी को मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की और 6 जनवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. 

पटना उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए गांधी मैदान में ‘आमरण अनशन’ करने के लिए पिछले सप्ताह उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बाद किशोर को हिरासत में लिया गया. उच्च न्यायालय ने शहर में गर्दनी बाग इलाके के अलावा किसी अन्य स्थान पर इस तरह के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है. बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. 

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पीके ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि वे फिर से सत्याग्रह पर लौटने वाले हैं. इसी को लेकर जनसुराज की ओर से मरीन ड्राइव के पास कैंप लगाया जाता था. लेकिन अब पटना जिला प्रशासन ने वहां सत्याग्रह और अनशन के लिए कैप लगाने से मना कर दिया है. 

अभिजीत की रिपोर्ट