LATEST NEWS

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तपिश, जानें कब बदलेगा मिजाज

  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर सेवा से ईको-टूरिज्म को लगेंगे पंख
  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर

  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा
  • Kolkata Durga Puja Stampede: चोरबागान पूजा पंडाल में मची भगदड़, कई लोग घायल, सप्तमी के दिन हादसा

  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से उठाया, इस मामले में हुई गिरफ़्तारी
  • Bihar News : भाजपा विधायक के करीबी बताए जा रहे शैलेश मिश्रा को गुजरात पुलिस ने बक्सर से

  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद मोहन, कहा राजपूत समाज का हो रहा क्रमबद्ध कत्लेआम
  • दादा की दुर्दशा..छोटू सिंह का निष्काशन और डॉ एनपी सिंह का ट्रांसफर...जदयू पर जमकर बरसे पूर्व सांसद आनंद

Bihar Politics: ‘पार्टी टूटने वाली है?’ सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा का तंज- भीड़ बहुत है पत्रकार जी, आपका माथा भी टूट जाएगा!

Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी की टूट पर सीधा जवाब देने के बजाय तंज कसते हुए कहा- “भीड़ बहुत ज्यादा है पत्रकार जी, आपका माथा भी टूट जाएगा।”

Upendra Kushwaha
“भीड़ बहुत ज्यादा है पत्रकार जी, आपका माथा भी टूट जाएगा।” - फोटो : reporter

Bihar Politics: पटना से औरंगाबाद पहुंचे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से जब पार्टी के भीतर चल रही कथित बगावत और तीन विधायकों के अलग रुख को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया। पत्रकार ने पूछा कि जब पार्टी के तीनों विधायकों ने उन्हें चुनौती दे दी है और पार्टी को लेकर अलग से सोचने की बात कही है, तो क्या राष्ट्रीय लोक मोर्चा टूटने वाली है?

इस पर उपेंद्र कुशवाहा ने सीधा जवाब देने के बजाय तंज कसते हुए कहा- “भीड़ बहुत ज्यादा है पत्रकार जी, आपका माथा भी टूट जाएगा।” कुशवाहा के इस जवाब ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। उनके बयान को पार्टी में चल रही सियासी उठापटक के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया जवाब माना जा रहा है।

औरंगाबाद में केंद्रीय विद्यालय के उद्घाटन में पहुंचे कुशवाहा

उपेंद्र कुशवाहा पटना से औरंगाबाद पहुंचे हैं। यहां उनके केंद्रीय मंत्री रहते स्थापित कराए गए केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम है। उन्होंने इस मौके को अपने लिए बेहद खास बताया। कुशवाहा ने कहा कि आज उनके लिए भी बहुत बड़ा दिन है, क्योंकि जब वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री थे, तब औरंगाबाद में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना कराई गई थी। अब उसी विद्यालय के उद्घाटन में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह उनके लिए एक बड़ा दिन है।

RLM में खुलकर सामने आई अंदरूनी खींचतान

दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा में अंदरूनी खींचतान अब सतह पर दिखाई देने लगी है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से RLM के प्रदेश महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है।सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि नामांकन के दौरान RLM के चार में से तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ मौजूद रहे। उन्होंने सिन्हा के समर्थन का सार्वजनिक तौर पर ऐलान भी किया। इससे पार्टी के अंदर नेतृत्व और उम्मीदवार चयन को लेकर मतभेद की अटकलें तेज हो गई हैं।

NSIT
Nsmch

तीन विधायक सिन्हा के साथ, कुशवाहा की लाइन अलग

रामपुकार सिन्हा के नामांकन के दौरान RLM के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो मौजूद रहे। तीनों विधायकों ने सिन्हा के समर्थन का रुख जाहिर किया है।हालांकि विधायकों का कहना है कि उनका यह फैसला NDA सरकार के समर्थन से अलग नहीं है। आलोक सिंह ने संगठन के कार्यकर्ताओं के सम्मान और रिश्तों को राजनीति का अहम हिस्सा बताया। वहीं माधव आनंद ने रामपुकार सिन्हा के लंबे संगठनात्मक जुड़ाव का हवाला देते हुए उनका समर्थन किया।दूसरी तरफ उपेंद्र कुशवाहा का दावा है कि पार्टी के विधायक बागी नहीं हुए हैं और RLM NDA के अधिकृत उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

क्या सच में टूट की कगार पर है RLM?

RLM के विधानसभा में चार विधायक हैं। ऐसे में तीन विधायकों का एक साथ अलग रुख अपनाना निश्चित तौर पर पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती माना जा रहा है। दलबदल कानून के तहत किसी अलग समूह के विलय या दल बदल की स्थिति में निर्धारित संवैधानिक और विधानसभा प्रक्रिया लागू होती है। लिहाजा फिलहाल RLM में औपचारिक टूट कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना साफ है कि पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक लाइन और तीन विधायकों के सार्वजनिक रुख में फासला खुलकर सामने आ गया है।

सारण शिक्षक सीट पर मुकाबला दिलचस्प

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA की ओर से JDU ने आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है। वहीं RLM से जुड़े रामपुकार सिन्हा निर्दलीय मैदान में हैं। जन सुराज के अफाक अहमद समेत कई अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में हैं। नामांकन प्रक्रिया के बाद कुल 19 उम्मीदवारों के मैदान में होने की जानकारी सामने आई है।अब सबकी नजर नामांकन वापसी की प्रक्रिया और उसके बाद RLM के तीनों विधायकों की अगली रणनीति पर है। फिलहाल कुशवाहा अपने रुख पर कायम हैं, जबकि तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के समर्थन में खुलकर खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में विधान परिषद चुनाव ने RLM के भीतर चल रही सियासी रस्साकशी को और धार दे दी है।

रिपोर्ट- अभिजीत सिंह