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Patna High Court: मेडिकल लीव पर गए अफसर को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी रद्द कर बहाली का दिया आदेश

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है। ...

Patna High Court

Patna High Court: पटना हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने बैंक प्रशासन को अधिकारी को तत्काल सेवा में वापस लेने और सेवा की निरंतरता बनाए रखने का निर्देश दिया। जस्टिस हरीश कुमार की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए बैंक की कार्रवाई को मनमाना और असंवैधानिक माना।

मामला SBI के डिप्टी मैनेजर पंकज कुमार सिंह से जुड़ा है। पंकज कुमार सिंह ने वर्ष 1989 में बैंक में अपनी नौकरी शुरू की थी। बाद में उन्होंने असिस्टेंट और डिप्टी मैनेजर के पद पर पदोन्नति हासिल की। जून 2019 में उन्हें पटना की दीघा शाखा से मुजफ्फरपुर जोन में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद उन्हें बेतिया में योगदान देना था।

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इसी दौरान पंकज कुमार सिंह गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। उन्हें पीलिया और पैर की गंभीर बीमारी के कारण चिकित्सकों ने बेड रेस्ट की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया। बताया गया कि एचआरएमएस पोर्टल पर शुरुआत में उनका चिकित्सा अवकाश स्वीकृत भी हो गया था।

बाद में बैंक प्रशासन ने यह कहते हुए अवकाश को अमान्य कर दिया कि उसे मंजूर करने वाला अधिकारी सक्षम प्राधिकारी नहीं था। इसके बाद उनकी गैरहाजिरी को अनधिकृत मान लिया गया और SBI Officers Service Rules, 1992 के नियम 40(3) के तहत नोटिस जारी कर यह माना गया कि उन्होंने स्वेच्छा से नौकरी छोड़ दी है।

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मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने मेडिकल दस्तावेजों और डॉक्टर के पर्चों पर गौर किया। कोर्ट ने कहा कि जब अधिकारी ने समुचित मेडिकल सर्टिफिकेट और चिकित्सकीय दस्तावेज जमा किए थे और बैंक ने उनकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल नहीं उठाया, तो महज प्रक्रियात्मक खामी के आधार पर मेडिकल लीव खारिज करना और सेवा से बाहर करना न्यायसंगत नहीं है।

अदालत ने बैंक द्वारा जारी नोटिस और अपीलीय प्राधिकारी के आदेश को रद्द करते हुए पंकज कुमार सिंह को सेवा में बहाल करने का स्पष्ट आदेश दिया। साथ ही सेवा की निरंतरता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। हाईकोर्ट के इस फैसले से लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे अधिकारी को बड़ी राहत मिली है।