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Art College : 87 वर्षों में जीएम रोड से पटना यूनिवर्सिटी तक का सफ़र, 500 रूपये से हुई शुरुआत, जानिए पटना के ऐतिहासिक आर्ट कॉलेज की अनोखी दास्तान

Art College : पटना में आर्ट कॉलेज की स्थापना 500 रूपये से की गयी थी. आजतक यहाँ हज़ारों छात्र पढाई कर देश विदेश में अपना परचम फहरा रहे हैं......पढ़िए आगे

Art College : 87 वर्षों में जीएम रोड से पटना यूनिवर्सिटी तक
87 साल का आर्ट कॉलेज - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार और झारखंड का इकलौता कला एवं शिल्प महाविद्यालय (गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड क्राफ़्ट्स) पिछले 87 वर्षों से कला के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। कभी महज 500 रुपये की लागत से शुरू हुआ यह संस्थान आज देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।

500 रुपये की पूंजी से हुई थी शुरुआत

इस ऐतिहासिक संस्थान की नींव 25 जनवरी 1939 को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर प्रख्यात चित्रकार राधा मोहन ने रखी थी। शुरुआत में इसे पटना के गोविंद मित्रा रोड पर 'पटना स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट' के नाम से शुरू किया गया था। शुरुआती अध्यापकों में कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट से शिक्षित श्यामलानन्द, हरिचरण मेहता और सिंहेश्वर ठाकुर शामिल थे।

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मुश्किलों से भरा रहा शुरुआती सफर

स्थापना के शुरुआती दिनों में संस्थान को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी अनुग्रह नारायण सिंह की पहल पर स्कूल को खुदाबख्श खान लाइब्रेरी के पास एक मकान में महज एक रुपये महीने के किराये पर स्थानांतरित किया गया। संस्थान की महत्ता को देखते हुए 1949 में सरकार ने इसे अपने अधीन कर लिया और राधा मोहन को इसका संस्थापक प्रिंसिपल नियुक्त किया। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस कॉलेज की पहली मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य रहे।

गवर्नमेंट कॉलेज बनने तक का सफर

1952 में तत्कालीन शिक्षा सचिव और प्रख्यात कला मर्मज्ञ जगदीशचंद्र माथुर के प्रयासों से इसे 'गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट' का दर्जा मिला। इसके बाद 1958 में संस्थापक राधा मोहन के अथक प्रयासों से कॉलेज का वर्तमान भवन बनकर तैयार हुआ। भवन निर्माण के साथ ही देश के नामचीन कला शिक्षकों की नियुक्ति हुई और इसकी गिनती देश के शीर्ष कला केंद्रों में होने लगी। उस दौर में यहाँ श्रीलंका, मॉरीशस, लाओस और बांग्लादेश तक से विदेशी छात्र पढ़ने आते थे। 1972 में संस्थान का नाम बदलकर 'गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट' किया गया। बाद में 1977 में  इसे पटना विश्वविद्यालय के अधीन कर दिया गया।

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वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएं

वर्तमान में इस महाविद्यालय में मूर्तिकला, चित्रकला, छापा कला (प्रिंटमेकिंग), फोटोग्राफी, कला इतिहास और व्यवहारिक कला (अप्लाईड आर्ट) जैसे विषयों में 4 वर्षीय बैचलर डिग्री (BFA) की पढ़ाई होती है। इस कॉलेज से निकले छात्र आज न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अपनी उत्कृष्ट कला का परचम लहरा रहे हैं।