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नाना पाटेकर ने बिहार के मोकामा से बनाया था खास रिश्ता ! खेत में हल, खादी भंडार में चलाया चरखा

नाना पाटेकर पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे मोकामा स्थित सीआरपीएफ कैंप गए थे। यहां शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।

Nana Patekar Bihar Connection
Nana Patekar Bihar Connection- फोटो : news4nation

Nana Patekar in Bihar : अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर के निधन की खबरों के बीच बिहार से जुड़ा उनका एक खास किस्सा भी चर्चा में है। जून 2020 में नाना दो दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मोकामा से लेकर पटना तक कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था और आम लोगों से बेहद सहज अंदाज में मुलाकात की थी।

नाना पाटेकर पटना एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे मोकामा स्थित सीआरपीएफ कैंप गए थे। यहां शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान नाना सेना की वर्दी में भी नजर आए थे। जवानों के बीच वह बिल्कुल सहज दिखे और अपनी फिल्मों के चर्चित संवाद सुनाकर माहौल को भी खुशनुमा बना दिया था।

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मोकामा में अभिनेता नहीं, किसान बने नाना

नाना का मोकामा दौरा केवल सुरक्षा बलों के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। वह औंटा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात की। खेती-किसानी को करीब से समझने के लिए वह खेत तक पहुंचे और वहां खुद हल चलाया। उन्होंने खेत में बीज की बुआई में भी हिस्सा लिया।

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नाना को खेत में काम करते देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में वहां जुट गए। अभिनेता ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनके बीच बिल्कुल आम व्यक्ति की तरह घुले-मिले नजर आए। उन्होंने औषधीय खेती की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था।

खादी भंडार में चलाया करघा

मोकामा दौरे के दौरान नाना पाटेकर आधुनिक तकनीक से संचालित खादी भंडार भी पहुंचे। यहां उन्होंने करघा चलाकर देखा और वहां काम करने वाले लोगों से बातचीत की। उन्होंने उनके काम को समझने में रुचि दिखाई। नाना के मोकामा पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से लोग उन्हें देखने के लिए पहुंचने लगे थे। हालांकि, अभिनेता ने भीड़ से दूरी बनाने के बजाय लोगों से सहजता से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया।

सीआरपीएफ जवानों के बीच बढ़ाया था हौसला

नाना पाटेकर सीआरपीएफ जवानों के बीच आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। गृह मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पौधारोपण भी किया गया था। जवानों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके काम और जिम्मेदारियों के प्रति सम्मान जताया और उनका मनोबल बढ़ाया। मोकामा दौरे की तस्वीरों में नाना का अलग-अलग रूप देखने को मिला था—कहीं वह जवानों के बीच वर्दी में नजर आए, तो कहीं खेत में हल चलाते और करघा चलाते दिखाई दिए। उनका यह सहज अंदाज लोगों के बीच काफी पसंद किया गया था।

पटना में सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से मिले थे

बिहार दौरे के दौरान नाना पाटेकर पटना भी पहुंचे थे। उन्होंने राजीव नगर स्थित दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के घर जाकर उनके पिता केके सिंह से मुलाकात की थी। नाना ने सुशांत की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

मुलाकात के बाद नाना ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की थी। बिहार में उनका यह दौरा लंबे समय तक चर्चा में रहा। मोकामा में जवानों के बीच पहुंचने, किसानों के साथ खेत में काम करने और पटना में सुशांत के परिवार से मिलने की उनकी तस्वीरें आज भी उनके बिहार से जुड़े उस खास अध्याय की याद दिलाती हैं।