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किसान महापंचायत में सरकार पर जमकर बरसे पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह, डैम के नाम पर गांव उजाड़ने का लगाया आरोप

नवादा जिले में गंगाजल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और किसानों की खड़ी फसल को नष्ट किए जाने के विरोध में विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस दौरान राजद सांसद व बिहार के पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला....

किसान महापंचायत में सरकार पर जमकर बरसे पूर्व मंत्री सुधाकर स
सांसद सुधाकर सिंह का सरकार पर बड़ा हमला- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के नारदीगंज प्रखंड स्थित मधुवन और मोतनाजे गांव में गंगाजल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और किसानों की खड़ी फसल को नष्ट किए जाने के विरोध में गुरुवार को मधुवन खेल मैदान में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में राजद के पूर्व मंत्री व सांसद सुधाकर सिंह समेत कई प्रमुख किसान नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और किसानों के हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

सुधाकर सिंह का तीखा हमला: बिना मुआवजा मकान और फसल उजाड़ना सरासर अन्याय 

महापंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जलाशय निर्माण के नाम पर आम गरीब किसानों के मकानों और जमीनों को उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बिना उचित मुआवजा दिए उनकी संपत्तियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि राशन कार्ड बनाने के नाम पर किसानों को नवादा ले जाकर कागजातों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और उनकी जमीनें हड़पने की साजिश रची गई। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन और अधिकार बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की।

जेसीबी और पोकलेन से लहलहाती धान की फसल रौंदे जाने का आरोप 

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बिहार-झारखंड प्रभारी दिनेश कुमार ने महापंचायत में अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रशासन और संबंधित कंपनियों द्वाराकिसानों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर खेतों में तैयार धान की फसल को बेरहमी से रौंद दिया गया। वहीं, बिहार राज्य दुग्ध उत्पादक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि खेती किसानों की संस्कृति और आजीविका का मुख्य आधार है, जिसे केवल धन या मुआवजे से नहीं तौला जा सकता।

मुआवजा और पुनर्वास पर स्थिति स्पष्ट न होने से किसानों में भारी रोष 

किसानों ने दावा किया कि मधुवन और मोतनाजे क्षेत्र में कुल 968 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन अब तक न तो मुआवजा राशि तय की गई है और न ही विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए कोई जगह चिन्हित की गई है। 2 सितंबर को अधिग्रहित भूमि पर खड़ी फसल को मशीनों द्वारा नष्ट किए जाने के बाद से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस महापंचायत में पूर्व विधायक कामरान, पूर्व मंत्री अखलाक अहमद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।

NSIT
Nsmch

अमन सिन्हा की रिपोर्ट