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EWS आरक्षण पर सदन में तीखी बहस : मंत्री ने नकारा, तो विधायक ने गिनाए पांच राज्यों के उदाहरण

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नवादा के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा में छूट और बैकलॉग रिक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

EWS आरक्षण पर सदन में तीखी बहस : मंत्री ने नकारा, तो विधायक

Nawada - नवादा जिले के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिंह ने बिहार विधानसभा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के अधिकारों को लेकर सरकार को घेरा। विधायक ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा, "यह सभा राज्य सरकार से अभिस्ताव करती है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए बैकलॉग की व्यवस्था करते हुए उम्र सीमा में छूट दिए जाने का प्रावधान बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों तथा शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में आरक्षण अधिनियम 2019 में करावे"। उनकी इस मांग ने सदन के भीतर सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य से जुड़ी एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए सामान्य प्रशासन मंत्री ने वर्तमान नियमों की स्थिति स्पष्ट की। मंत्री ने कहा, "EWS कैटेगरी के लिए जो हम लोगों ने रिजर्वेशन का प्रावधान किया है, यह केंद्र सरकार द्वारा जो अधिनियम (Act) बनाया गया है, उसी को हूबहू लागू करने के लिए हम लोगों ने यहाँ नियमावली बनाई है"। उन्होंने आगे तर्क दिया कि न तो केंद्र के मूल अधिनियम में और न ही देश के अन्य राज्यों में EWS वर्ग के लिए उम्र सीमा में छूट का कोई प्रावधान लागू है, इसलिए वर्तमान में बिहार सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक ने तत्काल पलटवार किया और इसे अन्य आरक्षित वर्गों के साथ तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। अनिल सिंह ने कहा, "महोदय, अन्य वर्गों एससी, एसटी और ओबीसी को जब आपने आरक्षण दिया है, उम्र सीमा में छूट दी है, शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए दिया है, तो मैंने वही प्रस्ताव लाया है"। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यदि इस पर कोई स्पष्टता नहीं है, तो भारत सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त कर बिहार के युवाओं के हित में उचित निर्णय लिया जाए।

बहस के दौरान अनिल सिंह ने मंत्री के उस दावे को भी चुनौती दी जिसमें कहा गया था कि अन्य राज्यों में यह प्रावधान नहीं है। विधायक ने दावा किया कि, "महोदय, पांच प्रदेशों में यह लागू है, मध्य प्रदेश में उम्र सीमा में छूट दी गई है"। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को इन राज्यों की व्यवस्थाओं का संज्ञान लेना चाहिए और बिहार में भी इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि सामान्य वर्ग के गरीब मेधावी छात्रों को समान अवसर मिल सकें।

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काफी देर तक चली इस जिरह के बाद, सभापति और मंत्री के हस्तक्षेप पर विधायक ने अपना प्रस्ताव वापस लिया, लेकिन सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करने की नसीहत भी दी। अनिल सिंह ने अपना प्रस्ताव वापस लेते हुए कहा, "इस आग्रह के साथ कि सरकार इस पर संज्ञान ले और इसकी सूचना प्राप्त करे, मैं अपना प्रस्ताव वापस लेता हूँ"। हालांकि प्रस्ताव वापस ले लिया गया, लेकिन EWS वर्ग के लिए बैकलॉग और उम्र सीमा में छूट की यह मांग आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर सकती है।

Report - aman sinha