LATEST NEWS

  • Bihar Food Safety
  • Bihar Food Safety : बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ कितने शुद्ध? ऐसे करें मिलावट की पहचान, जानें

  • Bihar Mobile Users
  • Bihar Mobile Users:आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं? घर बैठे ऐसे करें चेक, फर्जी नंबर

  • Bihar E Cabinet
  • Bihar Cabinet Meeting: मंत्रियों के हाथ में होगी डिजिटल फाइल,बिहार में अब ऐसे होगी कैबिनेट की बैठक

  • Bihar Ration Card
  • Bihar Ration Card:बिहार में 35 लाख से ज्यादा राशन कार्ड रद्द! चेक कर लीजिए लिस्ट में आपका

  • Bihar MLC Election Results
  • Bihar MLC Election Results : 150 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज, आज खुलेगा सियासी किस्मत का पिटारा,देर रात तक

Bihar Crime : नालंदा में निजी स्कूल के हॉस्टल में 8 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत, परिजनों ने शिक्षक पर पीट-पीटकर हत्या का लगाया आरोप

Bihar Crime : नालंदा में निजी स्कूल के हॉस्टल में 8 वर्षीय छ

NALANDA : जिले के राजगीर थाना क्षेत्र के छबीलापुर मार्ग स्थित अरुणोदय आवासीय पब्लिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे आठ वर्षीय छात्र की संदिग्ध हालात में मौत से सनसनी फैल गई है। छात्र के परिवार वाले की पीट पीट कर हत्या जबकि स्कूल प्रबंधन छत से कूद कर मौत की बात बता रहे हैं। मृतक छात्र गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के चरावर गांव निवासी स्व. चंद्रशेखर यादव के पुत्र दिलखुश कुमार है।

परिजनों का आरोप है कि छात्र की मौत किसी हादसे से नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षक की बेरहमी से पिटाई के कारण हुई है। मृतक के फूफा उपेंद्र कुमार ने बताया कि दिलखुश का नामांकन 11 सितंबर की शाम 4 बजे ही कराया गया था। अगले ही दिन शाम को स्कूल प्राचार्य ने फोन कर बताया कि बच्चा छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया है। लेकिन जब परिजन स्कूल पहुंचे तो पाया कि बच्चा हॉस्टल में नहीं है, बल्कि पावापुरी स्थित विम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि दिलखुश के पूरे शरीर पर चोट और जख्म के निशान पाए गए हैं, जो इस बात की गवाही देते हैं कि उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद भी स्कूल प्रशासन ने तुरंत सूचना न तो थाने को दी और न ही परिवार को। वहीं, स्कूल प्रशासन का दावा है कि छात्र हॉस्टल से भागने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान छत से कूदकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था, लेकिन स्थिति नाजुक होने पर पावापुरी रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

दिलखुश के पिता की मौत वर्ष 2017 में एक सड़क हादसे में हो गई थी। उस समय उसकी मां गर्भवती थीं और तीन माह बाद ही दिलखुश का जन्म हुआ था। पिता का साया सिर से उठने के बाद अब मासूम की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

NSIT
Nsmch

नालंदा से राज की रिपोर्ट