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Bihar News : नालंदा में वेतन नहीं मिलने से भड़के नियोजित शिक्षक, शिक्षा विभाग कार्यालय का किया घेराव, 7 सूत्री मांगों को लेकर दिया अल्टीमेटम

Bihar News : नालंदा जिले में पिछले दो माह से वेतन का भुगतान न होने से आक्रोशित नियोजित शिक्षकों ने शनिवार को जिला शिक्षा विभाग कार्यालय का घेराव किया। जहाँ उन्होंने अपनी सात सूत्री मांगे भी रखी......पढ़िए आगे

Bihar News : नालंदा में वेतन नहीं मिलने से भड़के नियोजित शिक
शिक्षकों का फूटा गुस्सा - फोटो : RAJ

NALANDA : दो माह से वेतन का भुगतान नहीं होने से नाराज जिले के नियोजित शिक्षकों ने शनिवार को शिक्षा विभाग के कार्यालय का घेराव किया। परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव इरफान मलिक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे और बकाया वेतन समेत अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। शिक्षकों का कहना था कि वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है। बच्चों की पढ़ाई, दूध-राशन, घर का किराया और विद्यालय आने-जाने के खर्च का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया है।

शिक्षकों ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षकों ने बैंक से ऋण ले रखा है। दो माह से ऋण की किस्त जमा नहीं होने के कारण उनके सिविल स्कोर पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर ऋण लेने में परेशानी हो सकती है। संघ ने सवाल उठाया कि हर बार नालंदा जिले में ही नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान में समस्या क्यों उत्पन्न होती है। पूर्व में भी कार्यालय का घेराव करने के बाद ही वेतन का भुगतान हुआ था।

संघ का आरोप है कि विभाग की ओर से आवंटन और सीएफएमएस में समस्या का हवाला देकर वेतन भुगतान में देरी की जा रही है। शिक्षकों ने पूर्वी चंपारण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जुलाई माह के वेतन का भुगतान छह अगस्त को कर दिया गया। ऐसे में नालंदा में भुगतान में हो रही देरी पर विभाग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि एरियर, ईपीएफ और एचआरए में सुधार समेत अन्य समस्याओं को लेकर विभागीय कार्यालय में कई आवेदन दिए गए, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संघ के अनुसार, वार्ता के लिए भी कार्यालय को पत्र दिया गया था, लेकिन संघ के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। संघ ने कार्यालय कर्मियों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। शिक्षकों का आरोप है कि अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों को कई बार उचित सम्मान नहीं दिया जाता और डांट-फटकार का सामना करना पड़ता है। संघ ने इसे शिक्षक गरिमा के विरुद्ध बताया। जिला महासचिव ने बताया कि कार्यालय घेराव की सूचना 20 अगस्त को दूरभाष के माध्यम से संबंधित पदाधिकारी और लिपिक को दे दी गयी थी। उन्होंने विभाग से बकाया वेतन का अविलंब भुगतान कराने तथा अन्य समस्याओं का एक सप्ताह के भीतर समाधान करने की मांग की।

शिक्षकों की सात प्रमुख मांगें है। जिसमें एसएसए और जीओबी मद के तहत दो माह से बकाया वेतन का अविलंब भुगतान किया जाए। लंबित एरियर का जल्द भुगतान कराया जाए।  जिन शिक्षकों के ईपीएफ खाते में कम राशि जमा हुई है, उसमें आवश्यक सुधार कर पूरी राशि जमा कराई जाए। शिक्षकों द्वारा दिए गए एचआरए सुधार संबंधी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन किया जाए। राजगीर प्रखंड के कक्षा एक से पांच तक में नियुक्त शिक्षकों के लंबित एरियर का भुगतान कराया जाए। नियोजित शिक्षकों की कालबद्ध प्रोन्नति संबंधी पत्र जारी होने के बाद भी लंबित प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर प्रोन्नति का लाभ दिया जाए। उर्दू विद्यालयों में शनिवार की तरह गुरुवार को आधे दिन की पुरानी व्यवस्था लागू करने की शिक्षकों की मांग को सरकार और वरीय अधिकारियों के समक्ष भेजा जाए।

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राज की रिपोर्ट