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इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा के मौत पर बवाल, प्रबंधन की बेरुख़ी पर भड़के स्टूडेंट्स ने किया तांडव

छात्रा की मौत के बाद कॉलेज परिसर में ख़ौफ़ और ग़ुस्से का माहौल फैल गया। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रा के इलाज के लिए वाहन नहीं दिए जाने से भड़के छात्रों ने कॉलेज में तोड़फोड़ की और वाहन में आग लगा दी।

Chandi Engineering College
इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा के मौत पर बवाल- फोटो : reporter

चंडी थाना क्षेत्र के नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार की रात का मंजर किसी क्राइम सीन से कम नहीं था। सिविल ब्रांच की छात्रा सोनम कुमारी ने छात्रावास की तीसरी मंज़िल से छलांग लगाकर अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली। घटना के बाद कॉलेज परिसर में ख़ौफ़ और ग़ुस्से का माहौल फैल गया। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रा के इलाज के लिए  वाहन नहीं दिए जाने से भड़के छात्रों ने कॉलेज में तोड़फोड़ की और वाहन में आग लगा दी।

रूममेट शिखा ने खून से लथपथ लाश देख हिस्टीरिया में बेहोश होकर चीख मार दी। कुछ देर बाद होश आने पर उसने बताया कि रात करीब नौ बजे उसने सोनम को मेस में चलने के लिए कहा, मगर सोनम ने जवाब दिया“नमकीन खा ली है, पेट भर चुका है।” इसके बाद शिखा जब वापस लौटी तो कमरे में सिर्फ़ लैपटॉप की रोशनी जल रही थी और सोनम का मोबाइल कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। नीचे झाँका तो ज़मीन पर उसकी लाश पड़ी थी।

छात्राओं का आरोप है कि हादसे के बाद कॉलेज प्रबंधन ने इंसानियत तक नहीं दिखाई। गंभीर रूप से घायल सोनम को अस्पताल पहुँचाने के लिए प्राचार्य ने अपना निजी वाहन देने से मना कर दिया। एंबुलेंस देर से पहुँची और रास्ते में ही सोनम ने दम तोड़ दिया। यही लापरवाही स्टूडेंट्स के ग़ुस्से को भड़काने वाली चिंगारी बन गई।

ग़म और ग़ुस्से से उबलते स्टूडेंट्स ने कॉलेज कैंपस में जमकर तोड़फोड़ की। बेंच, दरवाज़े, खिड़कियाँ सब चकनाचूर कर डालीं। इतना ही नहीं, देखते ही देखते छात्रों ने प्रबंधन की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। कॉलेज का माहौल मानो अंडरवर्ल्ड के गैंगवार की तस्वीर पेश कर रहा था।

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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू कर दी। हालांकि अब तक आत्महत्या की वजह साफ़ नहीं हो सकी है। चर्चाओं का बाज़ार गरम है कि सोनम शायद रैगिंग और मेंटल टॉर्चर से परेशान थी।

छात्राओं ने बताया कि सोनम देर रात छत पर टहल रही थी, तभी अचानक उसके चीखने की आवाज़ आई और सबकी साँसें थम गईं। नीचे ज़मीन पर उसका ख़ून में लथपथ जिस्म पड़ा था। सवाल उठता है कि आखिर कॉलेज प्रशासन ने फर्ज़ और इंसानियत क्यों नहीं निभाई? क्या वाक़ई अगर समय पर गाड़ी मिलती तो सोनम की ज़िंदगी बच सकती थी?

मौत की यह गुत्थी और प्रबंधन की बेरुख़ी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस अब छात्राओं के बयान और मोबाइल डेटा खंगाल रही है। दूसरी तरफ़ ग़ुस्साए स्टूडेंट्स कॉलेज प्रबंधन पर क़ानूनी शिकंजा कसने की मांग कर रहे हैं।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय