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मुख्य पार्षद के घर पर चला बुलडोजर, मकान का एक हिस्सा ध्वस्त, गजब हो गया!

Bihar Bulldozer Action:बिहार में एक बार बुलडोजर वाला एक्शन देखने को मिला है. मुख्य पार्षद का मकान प्रशासन की कार्रवाई का शिकार बना और मकान के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया.मज़दूरों की कमी के चलते पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी और 10 दिन की मोहलत दी गई....

Bulldozer action in Bihar
मुख्य पार्षद के घर पर चला बुलडोजर- फोटो : reporter

Bihar Bulldozer Action:बिहार में एक बार फिर बुलडोजर वाला एक्शन देखने को मिला है। नालंदा  परवलपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद रामवृक्ष प्रसाद का मकान प्रशासन की कार्रवाई का शिकार बना। सीओ मोहित सिन्हा के नेतृत्व में औंगारी, पीर बिगहा और अन्य थानों की पुलिस के साथ बुलडोज़र  पहुंचा और मकान के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। हालांकि मज़दूरों की कमी के चलते पूरी कार्रवाई नहीं हो सकी और 10 दिन की मोहलत दी गई।

सीओ मोहित सिन्हा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है। परवलपुर इलाके में पाँच घरों को अतिक्रमण के दायरे में चिन्हित किया गया है। 19 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था और 13 सितंबर को कार्रवाई की तिथि तय कर दी गई थी।

मुख्य पार्षद रामवृक्ष प्रसाद ने इस कार्रवाई को सवालों के घेरे में खड़ा किया। उनका कहना है कि “हिलसा डीसीएलआर ने अंचल कार्यालय की मापी पर आपत्ति जताते हुए दोबारा मापी का आदेश दिया है। जब मापी पर ही विवाद है तो बुलडोज़र चलाना सीओ की मनमानी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जेसीबी से ज़बरन कार्रवाई हुई तो पूरा मकान गिर जाएगा।

कार्रवाई के दौरान भारी भीड़ जुट गई। पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय लोग विरोध के स्वर बुलंद करते रहे, लेकिन जेसीबी का शोर और मलबे की धूल ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया। प्रशासन जहाँ इसे क़ानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है, वहीं मुख्य पार्षद इसे “राजनीतिक प्रतिशोध और आदेश की अवहेलना” करार दे रहे हैं।

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प्रशासन ने पाँच घरों से अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया है और 10 दिनों की मोहलत के बाद कार्रवाई दोबारा तेज़ होने के आसार हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट के आदेश और डीसीएलआर के मापी निर्देश के बीच प्रशासन किस लाइन पर चलेगा।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय