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Bihar News : मुजफ्फरपुर में रीलबाज दारोगा पर मेहरबान पुलिस मुख्यालय! वर्दी का भौकाल और सरकारी गाड़ी के साथ वीडियो वायरल, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

Bihar News : बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा ड्यूटी के दौरान और पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है......पढ़िए आगे

Bihar News : मुजफ्फरपुर में रीलबाज दारोगा पर मेहरबान पुलिस म
वर्दी का भौकाल - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा ड्यूटी के दौरान और पुलिस वर्दी में सोशल मीडिया पर रील बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाने से सामने आया है, जहां तैनात एक दारोगा राकेश कुमार द्वारा पुलिस की वर्दी, सरकारी गाड़ी और बॉडीगार्ड के साथ रील बनाने का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद जहां एक तरफ आम जनता में चर्चाओं का बाजार गर्म है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस महकमे के भीतर ही मुख्यालय के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं।

सरकारी रौब और बॉडीगार्ड के साथ बनाया वीडियो

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गायघाट के थानेदार राकेश कुमार किस तरह सरकारी संसाधनों और अपनी वर्दी का 'भौकाल' जमाने के लिए फिल्मी अंदाज में रील बना रहे हैं। वीडियो में सरकारी गाड़ी और सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड का भी उपयोग रील के दृश्यों को दमदार बनाने के लिए किया गया है। रील सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्यालय के कड़े रुख के बावजूद इस 'रीलबाज' दारोगा पर अब तक कोई विभागीय गाज नहीं गिरी है।

कार्रवाई में दोहरा मापदंड? मुजफ्फरपुर पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस मुख्यालय की सख्ती और नियम सिर्फ कुछ चुनिंदा या कनिष्ठ पुलिसकर्मियों के लिए ही हैं, या फिर रसूखदार अधिकारियों के लिए नियमों में ढील दी जाती है? आम लोगों और जानकारों के बीच यह चर्चा तेज है कि आखिर किसके राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के कारण मुजफ्फरपुर जिला पुलिस अब तक थानेदार राकेश कुमार पर विभागीय कार्रवाई करने से कतरा रही है।

अन्य पुलिसकर्मियों पर पड़ेगा नकारात्मक असर, टूटेगा अनुशासन

पुलिस विभाग एक अनुशासित बल माना जाता है, जहां मुख्यालय के आदेश सर्वोपरि होते हैं। ऐसे में एक जिम्मेदार पद पर बैठे थानेदार द्वारा खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर रील बनाना और उस पर कोई एक्शन न होना, पूरे महकमे में एक गलत संदेश दे रहा है। जानकारों का मानना है कि अगर इस तरह के मामलों को नजरअंदाज किया गया, तो विभाग के अन्य पुलिसकर्मियों पर भी इसका बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा। इससे पुलिस बल के भीतर अनुशासनहीनता बढ़ेगी और अन्य कर्मी भी बिना किसी डर के मुख्यालय के आदेशों की अवहेलना कर सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाएंगे।

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कार्रवाई के इंतजार में सोशल मीडिया और पुलिस महकमा

फिलहाल, यह वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर पुलिस के लिए गले की फांस बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर पुलिस के गलियारों तक में अब सिर्फ इसी बात का इंतजार है कि विभाग की साख को बट्टा लगाने वाले और सरकारी वर्दी का रौब दिखाने वाले इस कुख्यात रीलबाज दारोगा पर मुजफ्फरपुर के वरीय अधिकारी कब और क्या एक्शन लेते हैं।

मणिभूषण की रिपोर्ट