LATEST NEWS

  • Bihar Satellite Township
  • Bihar Satellite Township: बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप पर बड़ा अपडेट! किसानों की जमीन पर सरकार का क्या

  • Bihar Survey Seeks Household Income Assets Spending and Debt
  • Bihar News: बिहार में घर-घर पहुंचेगी सर्वे टीम! कमाई, खर्च, जमीन और कर्ज का मांगेगी पूरा हिसाब, सरकार

  • Gandak Ring Bund
  • Bihar Ring Bund: गंडक की बाढ़ से मिलेगी मुक्ति? यहां बनेगा 80 KM का रिंग बांध

  • Anant Singh FIR
  • Mokama News: अनंत सिंह और जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह पर FIR, बाढ़ और मोकामा थाने में 3 मामले

  • Bihar Inflation: त्योहारों पर महंगाई का डबल अटैक! रसोई से बाजार तक बिगड़ा बजट, लोगों की थाली पर संकट, गृहिणियां परेशान- छोटे दुकानदारों की बिक्री पर भी असर
  • Bihar Inflation: त्योहारों पर महंगाई का डबल अटैक! रसोई से बाजार तक बिगड़ा बजट, लोगों की थाली पर

Bihar News: न्यूज4नेशन की खबर का बड़ा असर, महज 4 घंटे में दिव्यांग छात्रा को मिली डिग्री, हरकत में यूनिवर्सिटी प्रशासन

Bihar News: कहते हैं कि अगर किसी की आवाज बुलंद हो और परेशानी को सही मंच मिल जाए, तो इंसाफ मिलने में देर नहीं लगती। मुजफ्फरपुर में NEWS 4 NATION की खबर का ऐसा ही असर देखने को मिला है।...

News 4 Nation Impact Disabled Student Gets Degree in 4 Hours
न्यूज4नेशन की खबर का बड़ा असर- फोटो : reporter

Bihar News:  कहते हैं कि अगर किसी की आवाज बुलंद हो और परेशानी को सही मंच मिल जाए, तो इंसाफ मिलने में देर नहीं लगती। मुजफ्फरपुर में NEWS 4 NATION की खबर का ऐसा ही असर देखने को मिला है। कई दिनों से अपनी डिग्री के लिए यूनिवर्सिटी का चक्कर काट रही 80 प्रतिशत दिव्यांग छात्रा आशना खातून को खबर प्रसारित होने के महज चार घंटे के भीतर उसकी डिग्री मिल गई। लंबे समय से परेशान छात्रा के हाथों में आखिरकार उसकी मेहनत का प्रमाणपत्र आया, जिसके बाद उसने NEWS 4 NATION की पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कागांव बसंतपुर की रहने वाली आशना खातून दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं। तमाम मुश्किलों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आशना ने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत कर बीए की पढ़ाई पूरी की। परीक्षा पास करने के बाद उसने डिग्री हासिल करने के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया।

हैरानी की बात यह थी कि ऑनलाइन पोर्टल पर उसकी डिग्री तैयार होने की जानकारी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद छात्रा को अपनी डिग्री लेने के लिए कई दिनों तक यूनिवर्सिटी का चक्कर लगाना पड़ा। जिस डिग्री को हासिल करने के लिए उसे सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी थी, उसी के लिए उसे बार-बार परेशानी झेलनी पड़ रही थी।

दूसरी मंजिल पर डिग्री ऑफिस, न रैंप और न लिफ्ट!

इस पूरे मामले में सबसे दर्दनाक पहलू यूनिवर्सिटी की व्यवस्था से जुड़ा था। डिग्री ऑफिस दूसरी मंजिल पर स्थित है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए न तो रैंप की सुविधा है और न ही लिफ्ट की। दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग छात्रा के लिए सीढ़ियां चढ़कर कार्यालय तक पहुंचना बेहद मुश्किल था।

NSIT
Nsmch

इसके बावजूद डिग्री के लिए उसे बार-बार यूनिवर्सिटी बुलाया जा रहा था। सवाल यह उठता है कि जब किसी छात्रा की डिग्री तैयार हो चुकी थी, तो उसे उपलब्ध कराने में इतनी परेशानी क्यों हुई? दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

NEWS4NATION ने उठाई आवाज, चार घंटे में मिला नतीजा

यूनिवर्सिटी के चक्कर काटकर परेशान हो चुकी आशना खातून ने आखिरकार NEWS 4 NATION की टीम को अपनी पूरी आपबीती सुनाई। छात्रा की परेशानी और व्यवस्था से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाते हुए चैनल ने इस मुद्दे को सामने रखा।

खबर प्रसारित होने के बाद महज चार घंटे के भीतर आशना को उसकी डिग्री मिल गई। कई दिनों से जिस काम के लिए उसे परेशानी उठानी पड़ रही थी, वह खबर चलने के कुछ ही घंटों बाद पूरा हो गया। डिग्री मिलने के बाद छात्रा खुशी-खुशी अपने घर लौट गई और NEWS 4 NATION की टीम के प्रति आभार जताया।

सवाल व्यवस्था पर भी, दिव्यांगों के अधिकारों पर भी

यह मामला सिर्फ एक छात्रा को डिग्री मिलने तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करता है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाएं कितनी सुलभ हैं। अगर डिग्री ऑफिस तक पहुंचने के लिए रैंप या लिफ्ट जैसी सुविधा नहीं है, तो ऐसे विद्यार्थियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा? आशना को डिग्री मिलना राहत की बात है, लेकिन इस घटना ने व्यवस्था में सुधार की जरूरत को भी उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन दिव्यांग विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए ठोस कदम उठाता है या फिर ऐसी परेशानियां आगे भी सामने आती रहेंगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा