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Muzaffarpur Hospital Fire update:मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल में आग लगने से अब तक 4 लोगों की मौत,अभी और बढ़ सकता है आंकड़ा, ICU में धधकी चिंगारी ने ली कई जिंदगियां, मरीजों को तड़पता छोड़कर भाग गया स्टाफ

Muzaffarpur Hospital Fire update: मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल में आग लगने से प्रशासन ने फिलहाल चार मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या 10 तक बताई जा रही है।

Muzaffarpur Hospital Fire Kills 4 Several Injured in ICU Bla
मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल में आग लगने से अब तक 4 लोगों की मौत- फोटो : reporter

Muzaffarpur Hospital Fire update: बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जब ब्रह्मपुरा स्थित निजी प्रसाद हॉस्पिटल की आईसीयू में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कई मरीज जिंदा जल गए और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। प्रशासन ने फिलहाल चार मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या 10 तक बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि हताहतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह करीब 3:20 बजे आईसीयू से धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के बाद वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल उपकरणों में आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरा आईसीयू धुएं के गुबार से भर गया। अंदर भर्ती मरीज दम घुटने से छटपटाने लगे और उनके परिजनों में कोहराम मच गया।

हादसे के वक्त आईसीयू में 12 से 15 मरीज भर्ती थे। एक मरीज के परिजन ने गंभीर इल्जाम लगाते हुए कहा कि घटना के समय आईसीयू में कोई अटेंडेंट मौजूद नहीं था। आग लगने के बाद मरीजों और उनके रिश्तेदारों ने खुद ही अपनों को बाहर निकालने की कोशिश की। उनका आरोप है कि अस्पताल का कोई कर्मचारी मदद के लिए सामने नहीं आया और कई स्टाफकर्मी अपनी जान बचाकर बाहर भाग गए।

 मरीजों के परिजनों ने जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन को बताया कि आग लगने के समय आईसीयू वार्ड का मुख्य गेट बंद थाष।इस वजह से दम घुटने के बावजूद कोई समय पर बाहर नहीं निकल सका और लोगों को बचाया नहीं जा सका.डीएम सुब्रत कुमार सेन ने पुष्टि की है कि जिस आईसीयू वार्ड में केवल 13 बेड की क्षमता थी, वहां नियमों को ताक पर रखकर 15 मरीजों को भर्ती किया गया था.  घटना के बाद से ही कई स्टाफ सदस्य अस्पताल परिसर से गायब हैं, जिससे परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

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इस हादसे ने अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार आग लगने के बाद अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम काम नहीं कर पाया। आग इतनी भयावह थी कि सुबह सात बजे तक अस्पताल परिसर में जलने और धुएं की दुर्गंध फैली हुई थी। मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया।

फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। करीब 20 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को आसपास के दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि मामले की गहन तफ्तीश की जा रही है। यदि जांच में लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा